
शिव नाडर फाउंडेशन के शिक्षा प्लस कार्यक्रम में वयस्क शिक्षा के लिए जन शिक्षकों को लैपटॉप वितरित
वाराणसीः शिव नाडर फाउंडेशन और जनमित्र न्यास द्वारा संचालित शिक्षाप्लस परियोजना के तहत सोमवार को बड़ागांव ब्लॉक के बरहीकला गाँव में वयस्क साक्षरता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर 25 जन शिक्षकों को लैपटॉप और प्रोजेक्टर वितरित किए गए, ताकि वे ग्रामीण समुदायों में आधुनिक व डिजिटल तरीकों से शिक्षा प्रदान कर सकें।

कार्यक्रम के तहत अगले चार महीनों में 1125 लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे पहले कठिरांव ग्राम सभा में 1900 महिलाओं के बीच साक्षरता अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया जा चुका है।
नेल्सन मंडेला के विचार— “शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं।” — को आदर्श मानते हुए शिक्षाप्लस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के वंचित समुदायों को शिक्षित व सशक्त बनाना है। परियोजना के अंतर्गत कुल 2,500 शिक्षार्थियों को डिजिटल साधनों और आधुनिक शिक्षण विधियों से साक्षर बनाया जाएगा।
यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) और लक्ष्य-5 (लैंगिक समानता) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता, वित्तीय साक्षरता और सरकारी योजनाओं की जानकारी को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है, जिसमें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) की विशेष भूमिका रहेगी।
जनमित्र न्यास की मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने बताया कि शिक्षाप्लस परियोजना वंचित तबकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमिका सबसे अहम है।
क्षेत्रीय समन्वयक मंगला प्रसाद ने कहा कि वंचित समुदायों के लिए शिक्षा अवसरों के नए द्वार खोलती है और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बनती है। परियोजना समन्वयक रिंकू पाण्डेय ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा बताया कि यह अभियान समाज के अति वंचित समूहों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाएगा।
कार्यक्रम में संस्था के अरविंद कुमार, शिवानी पाठक, स्वनिल पाठक और विजय सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
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