
क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी 2025–26 का भव्य आयोजन बीएचयू में शुरू
वाराणसीः राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश एवं चित्रकला विभाग, महिला महाविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी 2025–26 का आयोजन 18 से 20 दिसंबर 2025 तक अहिवासी कला दीर्घा, दृश्य कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में वाराणसी क्षेत्र के 11 जिलों के लगभग 160 कलाकार अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सहभागिता कर रहे हैं।
उक्त प्रदर्शनी का उद्घाटन 18 दिसंबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. एस. प्रणाम सिंह रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. हीरालाल प्रजापति, प्रो. सत्येंद्र सिंह बावनी, राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा, महिला महाविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह एवं संकाय प्रमुख प्रो. के. उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. जसविंदर कौर, व्यवहारिक कला विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष अरोड़ा, मूर्तिकला विभागाध्यक्ष प्रो. ब्रह्म स्वरूप के साथ-साथ आयोजन समिति के सदस्य प्रो. सरोज रानी, डॉ. सुरेश चंद्र जांगिड़, डॉ. मिथुन दत्ता, सह-आचार्य डॉ. शांति स्वरूप सिन्हा, डॉ. महेश सिंह तथा सहायक आचार्य डॉ. ललित कुमार, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. राजीव मंडल एवं साहेब राम टुडू की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि प्रो. एस. प्रणाम सिंह ने प्रदर्शनी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से क्षेत्रीय कला का विकास होता है तथा युवा एवं वरिष्ठ कलाकारों को नए अवसर प्राप्त होते हैं।
प्राचार्या प्रो. रीता सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।
प्रो. सत्येंद्र सिंह बावनी ने कलाकारों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि निरंतर रचनात्मक प्रदर्शनियों से कला जगत को नई दिशा मिलती है।
प्रो. मनीष अरोड़ा ने गुरु-शिष्य की संयुक्त सहभागिता को कला परंपरा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विभागाध्यक्ष प्रो. जसविंदर कौर ने सभी कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन कला जगत को नए अवसर प्रदान करते हैं।
राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि यह आयोजन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है, जिससे कला को नई दिशा मिल रही है और विशेषकर पूर्वांचल के कलाकारों को प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है।
क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी के अंतर्गत वाराणसी क्षेत्र से तीन कलाकृतियों को पुरस्कार हेतु चयनित किया गया है। व्यवहारिक कला वर्ग से कृष्णा सिंह, चित्रकला वर्ग से बाबी राय तथा मूर्तिकला वर्ग से गीतांजली गोंड को चयनित किया गया है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह कुशवाहा ने बताया कि राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा स्थापना दिवस के अवसर पर चयनित कलाकारों को ₹15,000 की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
यह क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी कलाकारों के प्रोत्साहन एवं संवर्धन के उद्देश्य से प्रति वर्ष राज्य ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित की जाती है।
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