
शोधार्थियों को डेटा विश्लेषण में दक्ष बनाने की दिशा में सीआईएमएस की पहल, आर (R) पर पाँच दिवसीय कार्यशाला शुरू
वाराणसीः सेंटर फॉर इंटर डिसिप्लनरी मैथमेटिकल साइंसेज (CIMS) द्वारा “आर (R) का उपयोग करते हुए डेटा विश्लेषण एवं दृश्यांकन” विषय पर आयोजित पाँच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को हुआ। कार्यशाला में कुल 45 प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं, जिनमें विभिन्न विषयों के शोधार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति है। विशेष रूप से चिकित्सा विज्ञान, कृषि विज्ञान, जीवन विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान तथा अन्य संबद्ध क्षेत्रों के विद्यार्थी इस कार्यशाला में भाग ले रहे हैं।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए शोधार्थियों को सांख्यिकी का आधारभूत ज्ञान प्रदान करना तथा सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर आर (R) की व्यावहारिक समझ विकसित करना है, जिससे वे अपने-अपने शोध क्षेत्रों में डेटा विश्लेषण एवं दृश्यांकन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
उद्घाटन सत्र में सीआईएमएस की समन्वयक प्रो. मंजरी गुप्ता ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला की परिकल्पना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के संयोजक डॉ. एम. एस. पंवार ने कार्यशाला की संरचना का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए आधुनिक शोध में आर (R) की बढ़ती उपयोगिता और महत्ता को रेखांकित किया।
सीआईएमएस के संस्थापक समन्वयक प्रो. उमेश सिंह ने अपने अनुभव एवं दृष्टिकोण साझा करते हुए प्रतिभागियों को प्रेरणादायक संदेश दिया। वहीं विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. आर. के. श्रीवास्तव द्वारा दिए गए अध्यक्षीय संबोधन ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन एवं उत्साह प्रदान किया।
इस अवसर पर कार्यशाला पुस्तिका का औपचारिक विमोचन भी किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम का समापन कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. आकांक्षा गुप्ता द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की गई। इसके उपरांत उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तथा ज्ञान एवं प्रबोधन के प्रतीक स्वरूप दीप प्रज्वलन किया गया।



