
देश में एक बोर्ड, एक फीस,एक पाठ्यक्रम की नीव है स्नातक संवाद यात्रा: कृष्णा नन्द पाण्डेय
वाराणसी: धरोहर संरक्षण सेवा संगठन के आयाम केसरिया भारत द्वारा स्नातक संवाद यात्रा के प्रथम पड़ाव का आयोजन संस्कृति सभागार, शिवम् इंग्लिश स्कूल, रामदत्तपुर, पाण्डेयपुर में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं वाराणसी खण्ड स्नातक विधान परिषद प्रत्याशी कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा कि महँगी शिक्षा के कारण देश के 95% लोग अत्यंत पीड़ा में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि कभी अभिभावक तो कभी छात्र आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। पूरे देश में इस समस्या का निदान केवल एक बोर्ड, एक फीस, एक पाठ्यक्रम के माध्यम से ही किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगार स्नातकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए सरकार द्वारा वर्ष में 100 दिन की रोजगार गारंटी योजना लागू की जानी चाहिए। बेरोजगार स्नातकों एवं उनके परिवार की सुरक्षा की दृष्टि से सरकार को कम से कम बीस लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करवाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना के बाद उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके।
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों से केवल पठन-पाठन का ही कार्य कराया जाना चाहिए। जनगणना से लेकर मतगणना तक एवं अन्य कार्य बेरोजगार स्नातकों से करवाए जाने चाहिए। यह एक बड़ी समस्या है, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए धरोहर संरक्षण, केसरिया भारत के कार्यकर्ता विगत कई वर्षों से सड़क पर आवाज़ उठा रहे हैं। यह आवाज़ जब सदन में उठेगी, तभी इस समस्या का समाधान होगा।
केसरिया भारत के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने कहा कि देश में मदरसे पूर्णतया प्रतिबंधित होने चाहिए, क्योंकि मुगलों द्वारा थोपी गई शिक्षा प्रणाली से केवल आतंकवादी एवं विघटनकारी विचारधारा ही उत्पन्न हो रही है, जो राष्ट्र एवं सनातन संस्कृति के लिए घातक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अभिषेक मिश्र ने की। संचालन गौरव मिश्र ने किया। समापन श्री हनुमान चालीसा पाठ से हुआ।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चन्द्रदेव पटेल, राकेश त्रिपाठी, सोनू गोंड, प्रियम मिश्रा, बालगोविंद शर्मा, शुभम पाण्डेय, रामवली पटेल, अशोक पाण्डेय पप्पू, गोविंद जी, सुधीर दीक्षित सहित अनेक गणमान्य युवा उपस्थित रहे।



