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रिश्वतखोर आपूर्ति निरीक्षक मिथिलेश कुमार सिंह के खिलाफ पिंडरा के एसडीएम को की गई शिकायत

श्रीमान एसडीएम, पिंडरा तहसील
वाराणसी
महोदय, मेरा नाम कामता प्रसाद तिवारी है और मैं कभी श्रमजीवी पत्रकार हुआ करता था। इन दिनों मेरे पास आजीविका का कोई समुचित साधन नहीं है। यह अलग बात है कि मैं हर दिन 6-7 कोडिंग भाषाएं सीखने पर लगा रहा हूँ। मेरा घर गहरपुर, पुआरीकलां में पड़ता है और मेरे यहाँ के राशन इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार सिंह नंबर 98894 94427 है, 2-3 साल पहले मैंने राशन कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी कीं और इन महाशय से बात करने के उपरांत बजरिए कोटेदार वह आवेदन इन तक भिजवा दिया।
मेरे द्वारा पूछे जाने पर इन्होंने कहा कि पहले पात्रता की जाँच की जाएगी और जाँच में पात्र पाए जाने पर राशन कार्ड जारी किया जाएगा। बातचीत के इसके अंदाज से उसी समय साफ हो गया था कि बिना रिश्वत लिए यह मेरा राशनकार्ड जारी नहीं करेगा। अब यह हरामजादा, सूअर का बच्चा हमको कह रहा है कि यह काबिल था तभी राशन इंस्पेक्टर बना और मैं नालायक और निकम्मा था, तभी कुछ नहीं बन पाया। नौकरशाही के एकदम निचले पायदान पर खड़ा एक कारकून जनता की सेवा करने के बजाय अपनी मनमानी हरकतों से उसे परेशान कर रहा है।
श्रीमान जी, मेरी पत्नी का ऑपरेशन होना है, अगर मेरे पास राशन कार्ड होता तो आयुष्मान कार्ड भी बन गया होता। 30 वर्षों की पत्रकारिता के अपने अनुभवों से मैं भलीभांति जानता हूँ कि आपूर्ति निरीक्षक आमतौर पर भ्रष्ट ही हुआ करते हैं, कोटेदोर तो खैर बदनाम होते ही हैं।
मेरे आवास पर किसी को भी भिजवाकर पात्रता की जाँच करवाई जाए और मेरा राशन कार्ड जारी करवाया जाए, मेरा आवेदन तो इस हरामजादे ने यकीनन रद्दी की टोकरी में फिंकवा दिया होगा।
