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जन-मन को ही अपना घर समझने वाले पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह हुए अमर, चहुँओर शोक का आलम

अमेठीः वरिष्ठ भाजपा नेता श्री रवींद्र पांडेय ने अभी-अभी फोन पर दुःखद समाचार दिया कि RSS स्वयंसेवक और लोकप्रिय भाजपा नेता दादा तेजभान सिंह अब नहीं रहे। वे उम्रजनित बीमारियों से पीड़ित थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
जब भी मैं उनके यहाँ जाता था तो चौके पर भोजन करते समय हर बार उनकी माँ उन्हें रोटी-भात, दाल-सब्जी के लिए पूछा करती थी और वे बेचारे शरमा जाते थे और फिर पलटकर मुझसे कहने लगते ल्या हो पंडित। दैनिक जागरण के दिनों में मैं दारुलशफा में विधायक निवास में ही रहा करता था।
दादा तेजभान आगंतुकों को खुद ही चाय पिलाया करते थे, अपने ही कर-कमलों से बनाकर। पक्के किसान थे और झउआ भर-भरकर खाद-पाँस खुद ही खेतों में ले जाया करते थे, विधायक होते हुए भी। सहज-सरल व्यक्तित्व के धनी, जन-मन में बसने वाले वैसे नेता अब कहीं भी देखने को नहीं मिलेंगे।
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मन अत्यधिक व्यथित है। पत्नी छोटी बेटी के पास चंडीगढ़ गई हुई हैं, मँझली बेटी को शाम को लखनऊ विश्वविद्यालय जाना है प्रैक्टिकल देने। घर पर अकेला हूँ और चीकू-कीकू को भोजन देने की जिम्मेदारी मेरे ही ऊपर है। कोशिश रहेगी कि श्राद्ध के दिन चलकर दादा को विदा किया जाए।
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श्री रवींद्र पांडेयः

गौरीगंज भाजपा की अपूरणीय क्षति
मेरे प्रिय वरिष्ठ अभिभावक का निधन......
यह स्थान कभी भरा नहीं जा सकेगा नि:शब्द हूं।
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आज बड़ा दुखद समाचार सुना कि नहीं रहे हम सबों के लोकप्रिय, तेज-तर्रार, जुझारू नेता दादा जी।
विश्वास तो नहीं हो रहा लेकिन यह दुखद समाचार सच तो है ही।
वो हम लोगों के अत्यंत आत्मीय, प्रिय और आदरणीय थे।
उनका अचानक गोलोकवासी हो जाना पूरे क्षेत्र की जनता और राजनीति दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
भगवान सोमनाथ से मेरी प्रार्थना है कि दादा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके पूरे परिवार को इस भारी दुख को सहने की शक्ति दें। दादा के दिखाए गए रास्ते पर चलना ही हमारी-आप सब की उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
भैया, आपके इस दुख में हम सपरिवार दुखी हैं।

एडवोकेट गौरव पांडेय
सुपुत्र विकास पांडेय
ग्राम: उसरापुर पोस्ट: तरसड़ा शाहगढ़
