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प्रो. विश्वंभर सिंह बने IMS-BHU के ईएनटी विभागाध्यक्ष, पहली अक्टूबर से तीन वर्षों के लिए सँभालेंगे कार्यभार

वाराणसीः काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) के चिकित्सा संकाय के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग में प्रो. विश्वंभर सिंह को विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुलपति की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से तीन वर्ष की अवधि के लिए की गई है।
प्रो. विश्वंभर सिंह वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ईएनटी विभाग में प्रोफेसर हैं। वह सितंबर 2022 से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह इसी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ईएनटी के क्षेत्र में उनका चिकित्सकीय, अकादमिक और प्रशासनिक अनुभव लंबा रहा है।
BHU से रहा है पुराना संबंध
प्रो. विश्वंभर सिंह ने इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, BHU से वर्ष 2012 में एमएस (ईएनटी) की उपाधि प्राप्त की। एमएस प्रशिक्षण के दौरान वह मई 2009 से जून 2012 तक ईएनटी विभाग में जूनियर रेजिडेंट रहे। इसके बाद उन्होंने विभिन्न संस्थानों में चिकित्सकीय और अकादमिक जिम्मेदारियां निभाईं और अगस्त 2014 में IMS-BHU के ईएनटी विभाग में सीनियर रेजिडेंट के रूप में वापसी की।
अप्रैल 2016 में वह IMS-BHU में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त हुए। सितंबर 2018 में एसोसिएट प्रोफेसर और सितंबर 2022 में प्रोफेसर बने। इस तरह विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य करते हुए उन्हें संस्थान की कार्यप्रणाली और ईएनटी विभाग की अकादमिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है।
ईएनटी चिकित्सा के साथ अनुसंधान और नवाचार पर जोर
प्रो. सिंह की विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्रों में ओटोलॉजी, टिनिटस, कॉक्लियर इंप्लांटेशन तथा नवजात शिशुओं की श्रवण क्षमता की जांच शामिल है। उनके कार्यों में चिकित्सा सेवा के साथ अनुसंधान और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिखाई देता है।
उनके कार्यकाल में विभाग में टिनिटस हैंडीकैप इन्वेंटरी के हिंदी रूप का मानकीकरण, कॉबलेशन-असिस्टेड सर्जरी, नवजात एवं बच्चों की श्रवण जांच के लिए OAE और ASSR, नेविगेशन-असिस्टेड साइनस सर्जरी तथा VNG लैबोरेटरी जैसी पहलों को आगे बढ़ाया गया।
COVID-19 के दौरान आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान में भी उनकी भूमिका रही है। संस्थान की Institute of Eminence परियोजना में भी उनका योगदान दर्ज है।
ईएनटी सर्जरी का व्यापक अनुभव
प्रो. सिंह को ईएनटी के विभिन्न प्रकार के ऑपरेटिव कार्यों का अनुभव है। इनमें टिम्पैनोप्लास्टी, मास्टॉयड सर्जरी, स्टेपेडेक्टॉमी, कॉक्लियर इंप्लांटेशन, FESS, नेविगेशन-असिस्टेड साइनस सर्जरी, सेप्टोप्लास्टी, टर्बाइनोप्लास्टी, कॉबलेशन टॉन्सिलेक्टॉमी, माइक्रोलैरिंजियल सर्जरी और ट्रेकियोस्टॉमी प्रमुख हैं।
इसके अलावा OSAS से संबंधित प्रक्रियाओं, choanal atresia repair, facial fracture fixation, cut-throat repair, foreign-body removal तथा जन्मजात गर्दन की सिस्ट और साइनस को निकालने जैसी प्रक्रियाओं का भी उनके अनुभव में उल्लेख है।
राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा संस्थाओं में निभा चुके हैं जिम्मेदारियां
प्रो. विश्वंभर सिंह विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय चिकित्सा संगठनों में भी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह Laryngology and Voice Association (LVA), India के उपाध्यक्ष हैं। वह National Medicos Organisation के 2020 से 2023 तक राष्ट्रीय महासचिव भी रहे हैं।
वह AIIMS पटना की Institute and Governing Body के सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के National Programme for Prevention and Control of Deafness (NPPCD) में विशेषज्ञ सदस्य और National Medical Commission की Disability Committee में Expert Member के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
वह Association of Otolaryngologists of India–Uttar Pradesh से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा IMS-BHU में Professor In-charge, Institute Library तथा NMC Assessor सहित कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सक्रिय भागीदारी
प्रो. सिंह को ईएनटी, टिनिटस और श्रवण चिकित्सा से जुड़े विषयों पर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वक्ता और चेयरपर्सन के रूप में आमंत्रित किया जाता रहा है।
वर्ष 2026 में बर्लिन में आयोजित Tinnitus Research Initiative (TRI) Meeting में उन्होंने “Assessing Efficacy of Yoga on Tinnitus” विषय पर आमंत्रित वक्ता के रूप में भाग लिया। इसी सम्मेलन में उन्होंने एक मौखिक प्रस्तुति सत्र की अध्यक्षता भी की।
वर्ष 2026 में Cochlear Implant Group of India की 23वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, Indian Society of Otology Conference तथा Association of Otolaryngologists of India Conference में भी उन्होंने वक्ता, मॉडरेटर अथवा विभिन्न अकादमिक सत्रों में भागीदारी की।
वह Varanasi में आयोजित Mid-AOICON 2026 के Organising Secretary भी रहे हैं। इससे पहले UPAOICON 2024 तथा अन्य राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलनों के आयोजन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
टिनिटस और श्रवण चिकित्सा पर विशेष कार्य
प्रो. सिंह के अनुसंधान कार्यों में टिनिटस एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। उन्होंने टिनिटस से संबंधित मामलों में audiometric profile, masking और matching जैसे विषयों पर कार्य किया है।
उनके अनुसंधान कार्यों में बाल कॉक्लियर इंप्लांट की mapping, नवजात शिशुओं में शुरुआती hearing screening, बच्चों में hearing screening, कॉक्लियर इंप्लांट के विभिन्न पहलुओं, एलर्जिक राइनाइटिस, टर्बाइनोप्लास्टी और टॉन्सिल सर्जरी जैसे विषय शामिल हैं।
वर्ष 2026 में उनके कई अनुसंधान पत्र प्रकाशित हुए हैं, जिनमें जन्म के 72 घंटे के भीतर नवजातों की otoacoustic emission के माध्यम से शुरुआती hearing screening से संबंधित अध्ययन भी शामिल है।
तीन पुस्तकों के लेखक
प्रो. विश्वंभर सिंह के नाम से तीन पुस्तकों का उल्लेख मिलता है। इनमें ‘Deafness Assessment and Laws’, ‘Tinnitus’ और ‘COVID-19: Challenges Ahead’ शामिल हैं।
वह विभिन्न अकादमिक जर्नलों के संपादकीय कार्य से भी जुड़े रहे हैं। NMO Journal और Otolaryngology Open Access Journal में Associate Editor के अलावा अन्य चिकित्सा जर्नलों के Editorial Board में भी उनकी भूमिका रही है।
शिक्षण और विद्यार्थी मार्गदर्शन में भी सक्रिय
प्रो. सिंह लंबे समय से चिकित्सा शिक्षा और विद्यार्थी मार्गदर्शन से जुड़े रहे हैं। वह MBBS और B.Sc. Nursing के विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर पढ़ाने के साथ-साथ स्नातकोत्तर सेमिनार, जर्नल क्लब और अनुसंधान निर्देशन का कार्य भी करते रहे हैं।
वह छह वर्षों तक Undergraduate Teaching In-charge रहे। वर्ष 2016 से 2021 तक Sushrut Hostel के वार्डन के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा पाठ्यक्रम, एंटी-रैगिंग और विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी संस्थागत समितियों में भी उन्होंने कार्य किया है।
उनकी शिक्षण दृष्टि में विद्यार्थी को केवल जानकारी देने के बजाय उसमें सवाल पूछने, कारण समझने और लगातार सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने पर जोर है।
आपदा राहत और स्वास्थ्य सेवा में भी योगदान
प्रो. सिंह के कार्यों का दायरा चिकित्सा संस्थान और अस्पताल तक सीमित नहीं रहा है। उनके सीवी में गुजरात और तमिलनाडु की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेवा कार्यों में भागीदारी का उल्लेख है।
उन्होंने अक्टूबर 2015 में जम्मू-कश्मीर के बाढ़ राहत शिविरों में भी सेवाएं दीं। इसके अलावा 2014 से 2022 के बीच विभिन्न आदिवासी, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा यात्राओं में भाग लिया।
स्वास्थ्य शिविरों, आरोग्य ग्राम अभियान, Institute Health Mela तथा स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी रही है।
विभिन्न सम्मान से भी हो चुके हैं सम्मानित
प्रो. सिंह को ‘COVID-19: Challenges Ahead’ पुस्तक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रशंसा प्राप्त होने का उल्लेख उनके विवरण में है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की ओर से उन्हें Scroll of Honour भी प्रदान किया गया।
BHU के कुलपति की ओर से उन्हें Hostel Excellence Award 2017-18 मिला। वर्ष 2015 में IMS-BHU के निदेशक की ओर से outreach activity के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया।
वर्ष 2013 में AOI Bihar & Jharkhand में बाल ट्रेकियोस्टॉमी के लंबे समय तक प्रबंधन और देखभाल से संबंधित पोस्टर के लिए उन्हें Best Poster Award मिला था।
परिशिष्ट : प्रो. विश्वंभर सिंह के बारे में प्रमुख तथ्य
नाम: डॉ. विश्वंभर सिंह
वर्तमान पद: प्रोफेसर, ईएनटी विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, BHU
नई जिम्मेदारी: विभागाध्यक्ष, ईएनटी विभाग, चिकित्सा संकाय, IMS-BHU
कार्यकाल: 1 अक्टूबर 2026 से तीन वर्ष
शैक्षणिक योग्यता: MBBS, MS (Otorhinolaryngology)
एमएस: IMS-BHU, 2012
BHU में प्रोफेसर: सितंबर 2022 से
विशेषज्ञता/रुचि: ओटोलॉजी, टिनिटस, कॉक्लियर इंप्लांटेशन, नवजात श्रवण जांच
भाषाएं: हिंदी, अंग्रेजी और भोजपुरी
परिशिष्ट-2 : प्रमुख संस्थागत एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारियां
- Vice President, Laryngology and Voice Association, India
- Ex-National General Secretary, National Medicos Organisation
- Institute and Governing Body Member, AIIMS Patna
- Nodal Officer, IMS-BHU to AIIMS-like Institutes
- Expert Member, NPPCD, Ministry of Health and Family Welfare
- Expert Member, Disability Committee, National Medical Commission
- Ex-Vice President, Association of Otolaryngologists of India–Uttar Pradesh
- Professor In-charge, Institute Library, IMS-BHU
- NMC Assessor
प्रमुख विभागीय पहल
- हिंदी में Tinnitus Handicap Inventory का मानकीकरण
- Coblation-assisted surgery की शुरुआत
- नवजात एवं बाल श्रवण जांच के लिए OAE और ASSR
- Navigation-assisted sinus surgery
- VNG Laboratory की स्थापना
- COVID-19 के दौरान आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान
- Institute of Eminence परियोजना में योगदान
प्रमुख सम्मान
- ‘COVID-19: Challenges Ahead’ पुस्तक के लिए प्रधानमंत्री की ओर से प्रशंसा
- पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की ओर से Scroll of Honour
- BHU के कुलपति की ओर से Hostel Excellence Award, 2017-18
- IMS-BHU निदेशक की ओर से outreach activity के लिए सम्मान
- AOI Bihar & Jharkhand, 2013 में Best Poster Award
संपर्क
मोबाइल: 9452970603 / 7754804646
ईमेल: singhvishwambhar@gmail.com
पता: 10, शिवाजी नगर, महामूरगंज, वाराणसी-221010
