Health
प्रसूतिकॉन-2.0: महिलाओं के स्वास्थ्य में नैदानिक और अनुसंधान उन्नति पर मंथन, 7 से 9 अक्टूबर तक BHU में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
प्रसूति तंत्र विभाग, आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय।
·स्थान:समिति कक्ष (संकायाध्यक्ष कार्यालय के निकट), धन्वंतरि भवन, आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय।
वाराणसी, 03.10.2026। प्रसूतिकॉन-2.0- KAGOF 7वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: महिलाओं के स्वास्थ्य में नैदानिक और अनुसंधान उन्नति: पाठ से अभ्यास तक, 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में 7 अक्टूबर 2026 को एक पूर्व-सम्मेलन कार्यशाला शामिल होगी, जिसके बाद 8 और 9 अक्टूबर 2026 को मुख्य वैज्ञानिक सम्मेलन होगा।
7 अक्टूबर 2026 को, पूर्व-सम्मेलन कार्यशाला बीएचयू के के.एन. उडुपा ऑडिटोरियम के मुख्य हॉल में आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में लाइव सर्जिकल और चिकित्सीय प्रदर्शन शामिल होंगे, जिसमें डॉ. मंदार मोहन रनाडे द्वारा शाल्य कर्म-I (लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया), डॉ. प्रेमराज खैरनार द्वारा शाल्य कर्म-II (योनि हिस्टेरेक्टॉमी), डॉ. पुलक कान्ति कर द्वारा विद्ध और अग्नि कर्म, और प्रो. सुनील जोशी द्वारा स्त्री रोग के विशेष संदर्भ में मर्म चिकित्सा शामिल है।
8 अक्टूबर 2026 को, मुख्य सम्मेलन का पहला दिन स्वतंत्रता भवन, बीएचयू में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई पूर्ण सत्र और समानांतर वैज्ञानिक सत्र होंगे। सम्मेलन में 27 विशिष्ट मुख्य वक्ता शामिल होंगे जो महिलाओं के स्वास्थ्य, आयुर्वेद, नैदानिक अभ्यास और अनुसंधान से संबंधित विविध विषयों पर आमंत्रित प्रस्तुतियाँ देंगे। इसमें 26 मुख्य वक्ता, 210 मौखिक वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ और 70 पोस्टर प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी। पूर्ण सत्र और अन्य मुख्य वक्ताओं की प्रस्तुतियाँ प्रत्येक लगभग 30 मिनट के लिए निर्धारित की जाएँगी, जबकि समानांतर वैज्ञानिक सत्रों में संक्षिप्त मुख्य और मौखिक प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी।
कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य के समकालीन विषयों पर प्रकाश डालने वाले प्रतिष्ठित संसाधन व्यक्ति और मुख्य वक्ता शामिल होंगे। इनमें आयुर्वेद के लिए नैदानिक अनुसंधान: विभिन्न अध्ययन डिज़ाइन पर प्रो. किशोर पटवर्धन; स्त्रीरोग संबंधी कैंसर में निदान प्रोफाइलिंग पर डॉ. विशाखा अनु; बांझपन प्रबंधन में नैदानिक अनुभवों पर प्रो. आशा श्रीधर शामिल हैं; प्रो. जैस्मिन रितेश गुजराती का व्याख्यान 'शैक्षणिक और नैदानिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग'; डॉ. मंदार मोहन रनाडे का व्याख्यान 'स्त्री रोग और प्रसूति विज्ञान में कानूनी पहलू'; डॉ. खिलेश्वरी पटेल का व्याख्यान 'महिलाओं के स्वास्थ्य में भरतनाट्यम की चिकित्सीय क्षमता'; डॉ. जान्हवी मिश्रा का व्याख्यान 'स्त्री रोग और प्रसूति विज्ञान में एकीकृत पद्धतियाँ'; प्रो. गीता पाटकी 'हार्मोन से परे रजोनिवृत्ति' पर; और प्रो. शिल्पा डोंगा ' स्त्री रोग में बस्ती चिकित्सा: शास्त्रीय सिद्धांतों से नैदानिक अभ्यास तक' पर। इस दिन में कई समानांतर वैज्ञानिक सत्र भी शामिल होंगे, जिनमें एआई, एपिजेनेटिक्स, गर्भ संस्कार, पंचकर्म, स्थानिक चिकित्सा, बांझपन और महिलाओं के स्वास्थ्य के अन्य उभरते क्षेत्रों पर मौखिक प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी।
प्रसूतिकॉन-2.0 का उद्घाटन समारोह 8 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक स्वतंत्रता भवन, बीएचयू में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. सरोज चूडामणि गोपाल, बाल शल्य चिकित्सा की प्रतिष्ठित प्रोफेसर, आईएमएस, बीएचयू और जैविक विज्ञान एवं बायोइंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी कानपुर की प्रतिष्ठित अतिथि प्रोफेसर, उपस्थित रहेंगी।
प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, माननीय कुलपति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, मुख्य संरक्षक होंगे। श्री गौरी शंकर प्रियदर्शी (आईएएस), निदेशक, आयुष, उत्तर प्रदेश एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय आयुष मिशन, विशेष अतिथि होंगे, जबकि डॉ. सुनीता चंद्रा, रजिस्ट्रार, केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान (मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय), सारनाथ, मान्यवर अतिथि होंगी। कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में आईएमएस, बीएचयू के निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार, और सह-संरक्षक के रूप में आईएमएस, बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के डीन प्रो. के. एच. एच. वी. एस. एस. नरसिम्हा मूर्ति, और बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। आयोजन समिति में प्रसूति तंत्र विभाग की प्रमुख, प्रो. दीपा मिश्रा, आयोजन अध्यक्ष; प्रसूति तंत्र विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष, प्रो. सुनीता सुमन, आयोजन उपाध्यक्ष; प्रो. विश्वेश बी. एन., पूर्व विभागाध्यक्ष, और प्रो. अनुराधा रॉय, प्रसूति तंत्र विभाग, को आयोजन सचिवों के रूप में; और डॉ. प्रीति चौहान संयुक्त आयोजन सचिव एवं कोषाध्यक्ष, के रूप में। और डॉ. शिखा सिंह, संयोजक, प्रसूति तंत्र विभाग, आयुर्वेद संकाय, आईएमएस, बीएचयू।
सम्मेलन द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता को मान्यता देने के हिस्से के रूप में, चयनित उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शोध और विद्वता में उनके योगदान को मान्यता देते हुए, योग्य स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी विद्वानों को सर्वश्रेष्ठ शोध-प्रबंध पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
शाम का मुख्य आकर्षण 'तालश्य नृत्य समूह' द्वारा प्रस्तुत एक मनमोहक नृत्य प्रदर्शन होगा। उनका मनोहर और ऊर्जावान प्रदर्शन शाम में रंग और जीवंतता भर देगा और दर्शकों द्वारा सराहा जाएगा। यह सांस्कृतिक शाम अकादमिक कार्यवाही से एक ताज़गी भरा और आनंददायक विराम प्रदान करेगी और एक गर्मजोश और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाएगी। सभी उपस्थित लोगों की उत्साही भागीदारी कार्यक्रम को प्रसूतिकॉन 2.0 का एक यादगार हिस्सा बना देगी।
9 अक्टूबर 2026 को, सम्मेलन का दूसरा दिन प्लेनरी, वैज्ञानिक और समानांतर सत्रों के साथ जारी रहेगा, जिसमें नैदानिक अनुसंधान, निदान, महिला स्वास्थ्य, गर्भ संस्कार, बांझपन, कानूनी पहलू, पंचकर्म, स्थानिक चिकित्सा और प्रदर्शन कला में हाल की प्रगति शामिल होगी। प्रमुख वक्ताओं में हालिया अपडेट्स पर प्रो. शिखा सचान; स्त्री रोग और प्रसूति में आनुवंशिक परीक्षण पर डॉ. अख्तर अली; पोस्ट-ऑपरेटिव जटिलताओं पर डॉ. प्रशांत डालवी; निदान से परे: आयुर्वेद प्रजनन अभ्यास में नैदानिक निर्णय लेने पर डॉ. हृदया टी. चंद्रन शामिल होंगे; प्रो. भारती कुमारमंगलम गर्भ संस्कार - घटक और नैदानिक अनुप्रयोग; और प्रो. आशीष वर्मा गर्भाशय फाइब्रॉएड - सर्जरी से पहले और बाद में। इस दिन जीवनशैली, मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रथाओं, विवाह की आयु, और प्रजनन जीवन पाठ्यक्रम कारकों पर एक पैनल चर्चा भी होगी, जिसके बाद समापन सत्र होगा।
कुल मिलाकर, यह सम्मेलन शास्त्रीय आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से लेकर समकालीन नैदानिक अभ्यास और अनुसंधान तक महिलाओं के स्वास्थ्य में हुई प्रगति पर चर्चा करने के लिए मुख्य वक्ताओं, संसाधन व्यक्तियों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और प्रतिनिधियों को एक साथ लाने वाला एक व्यापक शैक्षणिक मंच प्रदान करेगा। वैज्ञानिक कार्यक्रम में 220 मौखिक वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ और 70 पोस्टर प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी, जो ज्ञान के आदान-प्रदान, शैक्षणिक चर्चा और अनुसंधान प्रसार के अवसर प्रदान करेंगी, लगभग 560 प्रतिनिधि भाग लेंगे ।
प्रो. दीपा मिश्रा, प्रो. सुनीता सुमन, प्रो. अनुराधा राय, प्रो. विश्वेश बी.एन., डॉ. प्रीति चौहान एवं डॉ. शिखा सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
