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आयुर्वेद जगत में व्यापक हर्ष - GATE 2027 की पात्रता योग्यता में पहली बार आयुर्वेद स्नातक ( BAMS) सम्मिलित

काशीः भारत सरकार के नीति आयोग एवं अन्य कई सम्बन्धित उच्चीकृत शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थाओं से यह नियमित मांग की जा रही थी कि वे GATE { ग्रेजुएट अप्तितुदे टेस्ट इन इंजीनियरिंग Graduate Aptitude Test in Engineering ) टेस्ट की परीक्षा में आयुर्वेदिय योग्यता के स्नातकों को भी सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान करें। जिससे की आयुर्वेद स्नातक भी इन तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं के मास्टर (पोस्ट ग्रेजुएट) पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले कर आयुर्वेदिय सिद्धांतों का वैज्ञानिक प्रामाणिकता प्रदान कर सकें।
प्रसन्नता का विषय है कि केंद्रीय संस्थानों ने GATE 2027 की परीक्षा में इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। BAMS का विद्यार्थी अपने चतुर्थ वर्ष में GATE 2027 की परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा, और उनमें प्राप्त अंकों के आधार पर आगामी तीन वर्षों ( शैक्षणिक सत्रों ) तक प्रवेश ले सकता है।
ज्ञातव्य है कि GATE 2027 फरवरी माह में भारतीय तकनीकि संस्थान -मद्रास, चेन्नई के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिये आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ है।
पूर्व विभागाध्यक्ष, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, आयुर्वेद संकाय ,चिकित्सा विज्ञानं संस्थान ,काशी हिन्दू विश्व विद्यालय प्रो. आनंद चौधरी ने IIT Madras से GATE 2027 की सूचना पुस्तिका में केंद्र सरकार तथा संबंधित हितधारकों द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुरूप BAMS स्नातकों की पात्रता को स्पष्ट रूप से प्रकाशित करने का आग्रह, पत्र लिख कर किया है।
यह प्रतिनिधित्व कोलकाता के डॉ. सुमित सुर द्वारा उठाए गए मामले तथा Grievance Portal Reference No. DPLNG/E/2026/0002082 के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य उन आयुर्वेद स्नातकों के लिए पात्रता संबंधी स्थिति को स्पष्ट करना है जो GATE जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के माध्यम से उच्च शिक्षा, अंतर्विषयी अध्ययन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त करना चाहते हैं।
प्रतिनिधित्व पत्र के अनुसार, केंद्र सरकार के स्तर पर इस विषय पर विचार किया गया है और GATE 2027 आयोजित करने वाले IIT Madras से स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित डिग्रीधारकों की पात्रता के संबंध में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। इसी क्रम में प्रो. आनंद चौधरी ने IIT Madras से अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार के निर्णय एवं संबंधित निर्देशों को GATE 2027 की सूचना पुस्तिका तथा अन्य आधिकारिक मंचों पर स्पष्ट रूप से प्रकाशित किया जाए, ताकि BAMS स्नातकों के बीच किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे।
BAMS एक वैधानिक व्यावसायिक योग्यता
प्रतिनिधित्व में यह भी रेखांकित किया गया है कि BAMS एक वैधानिक व्यावसायिक योग्यता है, जो National Commission for Indian System of Medicine Act, 2020 के अंतर्गत विनियमित है।
इस वैधानिक एवं नियामकीय व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधित्व में कहा गया है कि जहां किसी GATE पेपर अथवा संबंधित उच्च शिक्षा/अनुसंधान कार्यक्रम की शैक्षणिक पात्रता BAMS स्नातकों को आवेदन करने की अनुमति देती है, वहां BAMS को स्पष्ट रूप से पात्र योग्यता के रूप में उल्लेखित किया जाना चाहिए।
अंतर्विषयी शिक्षा और आयुर्वेद के वैज्ञानिक विकास पर जोर
प्रो. चौधरी के अनुसार, यह विषय वर्तमान समय में विशेष महत्व रखता है क्योंकि उच्च शिक्षा में Indian Knowledge Systems (IKS), अंतर्विषयी शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान के आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उचित शैक्षणिक पृष्ठभूमि रखने वाले आयुर्वेद स्नातक जैव-चिकित्सा विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल साइंसेज, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान में योगदान कर सकते हैं।
प्रोफेसर आनन्द चौधरी ने IIT मद्रास के रजिस्ट्रार को संबोधित पत्र में कहा है कि है कि पात्रता संबंधी अस्पष्टता का व्यावहारिक प्रभाव भी पड़ सकता है। कई उम्मीदवार केवल इस कारण आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं क्योंकि उन्हें यह स्पष्ट नहीं होता कि उनकी स्नातक डिग्री संबंधित GATE पेपर के लिए स्वीकार्य है या नहीं। दूसरी ओर, आवेदन की जांच अथवा प्रवेश के चरण में पात्रता को लेकर उत्पन्न अस्पष्टता से अभ्यर्थियों और संस्थानों दोनों को कठिनाई हो सकती है।
इसीलिए IIT Madras तथा GATE के सक्षम अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि जहां शैक्षणिक रूप से उचित हो, वहां “Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery (BAMS)” को अन्य लागू चिकित्सा अथवा व्यावसायिक योग्यताओं के साथ स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध किया जाए।
पारदर्शी एवं स्पष्ट पात्रता व्यवस्था की आवश्यकता
प्रतिनिधित्व में IIT Madras और व्यापक IIT प्रणाली द्वारा अंतर्विषयी उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया है कि BAMS की पात्रता के संबंध में स्पष्टता प्रदान करने से योग्य आयुर्वेद स्नातकों को राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान की संभावनाओं को समझने में सहायता मिलेगी।
प्रोफेसर आनन्द चौधरी ने सक्षम अधिकारियों से आग्रह किया है कि मामले पर शीघ्र विचार करते हुए GATE 2027 की पात्रता संबंधी provisions में आवश्यक स्पष्टीकरण, संशोधन अथवा corrigendum जारी किया जाए और जहां आवश्यक हो, BAMS की पात्रता को स्पष्ट रूप से प्रकाशित किया जाए।
आयुर्वेद संकाय चिकित्सा विज्ञान संस्थान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों इस उपलब्धि से प्रसन्नता का वातावरण है।
संकाय प्रमुख प्रोफेसर के एन मूर्ति का कहना है कि GATE की परीक्षा में आयुर्वेद की मान्यता एवं इनके पाठ्यक्रमों में आयुर्वेद स्नातकों का प्रवेश, आयुर्वेद चिकित्सा के सैद्धांतिक पक्ष का वैज्ञानिक करण करने में सक्षम है।
प्रोफेसर मूर्ति ने इस उपलब्धि के लिये प्रधान मंत्री भारत सरकार के भारतीय ज्ञान संवर्धन के योजनाओं का मूर्त रूप मानते हुए,प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
अधिक जानकारी के लिए:
प्रो. आनंद चौधरी
