योगी सरकार बेटियों को नही यूपी पुलिस को बचा रही हैः कुसुम वर्मा

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*योगीराज में पुलिस द्वारा बेटियों पर जारी हिंसा, हत्या और बलात्कार की जघन्य घटनाओ के ख़िलाफ़ ऐपवा का राज्य स्तरीय प्रतिरोध
*यूपी को पुलिस स्टेट नहीं बनने देंगे- कृष्णा अधिकारी
*मुख्यमंत्री योगी बेटियों को नही यूपी पुलिस को बचा रही हैं- कुसुम वर्मा
*चन्दौली हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो
11 मई,2022
उत्तर प्रदेश में योगिराज-2 में पहले से भी अधिक तेजी से महिलाओं पर बढ़ती हिंसा, हत्या और बलात्कार की अमानवीय घटनाओं के ख़िलाफ़ 10 मई को ऐपवा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपना राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी दिया गया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों चन्दौली जिले में सैयद राजा थाने के ककरही के मनराजपुर गांव में विगत 1 मई को थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह के साथ कई पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर दो बहनों की बेरहमी से पिटाई की जिसमे एक की मौत हो गईं और एक बहन गम्भीर रूप से घायल हो गई थी। 3 मई को ऐपवा के जाँच दल ने भी घटनास्थल का दौरा किया और अपनी रिपोर्ट जारी की थी। इसी तरह से लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से बलात्कार कीक्रूर घटना में अस्पताल में अपना इलाज करा रही बच्ची के परिजनों से मुलाकात करने के लिए ऐपवा के जांच दल ने घटनास्थल का दौरा किया।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है। पुलिस स्वयं अपराध में लिप्त है। हाल में ललितपुर, चन्दौली, गोंडा,आगरा , प्रयागराज की तमाम घटनाओं में पुलिस की संलिप्तता उजागर हो चुकी है।।
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन-
(ऐपवा) की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में योगीराज-2 में बढ़ते अपराध पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। चन्दौली जिले की घटना ने योगी सरकार के खूनी चेहरे को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ऊपर की जा रही हिंसा, हत्या और बलात्कार के जघन्य मामले में अपराधियों और बलात्कारियों को सजा नहीं मिल रही है बल्कि उल्टा योगी सरकार उन्हें संरक्षण दे रही हैं।
कृष्णा अधिकारी ने कहा कि यूपी पुलिस कानून और संविधान की अवेहलना करते हुए निरंकुश हो चुकी है। मुख्यमंत्री लोकतंत्र को ध्वस्त करके यूपी को पुलिस स्टेट में तब्दील कर देना चाहते हैं लेकिन लोकतंत्र पसंद जनता ऐसा हरगिज नही होने देगी और न्याय के लिए जनता गोलबंद होकर सड़को पर आंदोलन करेगी। कृष्णा अधिकारी ने कहा कि 80 और 20 की चुनावी राजनीति करके जनता में साम्प्रदयिक जहर भरने वाली भाजपा सरकार का बुलडोज़र अब गरीबों और महिलाओं के दमन के लिए घरों में घुस रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के इस मंसूबे को ऐपवा बर्दाश्त नहीं करेगी और महिला विरोधी बुलडोज़र राजनीति के खिलाफ जनांदोलन को खड़ा कर रही है।
ऐपवा राज्य सचिव कुसुम वर्मा*ने कहा की उत्तर प्रदेश में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं है। बिना किसी शिकायत पुलिस घरों के अंदर घुसकर बेटियों को मार रही है उनकी हत्या कर रही है क्योकि पुलिस को सरकार का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार सरकार का असली चेहरा यह है की यूपी में पुलिस को बेटियों के साथ हिंसा ,हत्या और बलात्कार करने की खुली छूट मिली है और कोई सुनवाई भी नहीं है इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा का बेटी बचाओ का नारा झूठा है मुख्यमंत्री योगी बेटियो को नही यूपी पुलिस को बचाना चाहती है।
कुसुम वर्मा ने कहा कि चंदौली मामले में जांच रिपोर्टसे पता चलता है कि – गुंडों की बेटियों को सबक सिखाने के नाम पर बेटियों की बेरहमी से पिटाई और हत्या की गई। यह हक पुलिस को कैसे हो सकता है? यह पुलिस का पुरुषसत्तात्मक सामंती घटिया मानसिकता की अमानवीय कार्रवाई है जिसमें आपसी रंजिश- पारिवारिक झगड़े और गुस्से का हल महिलाओं की ऊपर हिंसा करके निकाला जाता है- और यही यूपी में योगी सरकार की महिलाओं के प्रति न्याय की मानसिकता को दर्शाता है जिसे इस सरकार का पूरासंरक्षण मिला है।
ऐपवा ने अपील की है की चन्दौली हत्याकांड के 10 दिन हो जाने के बाद भी अभी तक दोषी पुकिसकर्मियो की कोई गिरफ्तारी नही हुई है इसलिए हाईकोर्ट से निष्पक्ष इस केस की जांच की जाए ताकि पीडित परिवार को न्याय मिल सके।
यह विरोध प्रदर्शन लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, मथुरा, मुरादाबाद,भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चन्दौली, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया,मऊ, आजमगढ़, बस्ती, देवरिया, गोरखपुर, महाराजगंज आदि जिलों में सफलतापूर्वक हुआ।

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