विनाशकारी कृषि कानूनों के खिलाफ झारखंड हो रहा आंदोलित 

4
314
26 जनवरी को जमशेदपुर की सड़कों पर निकलेगा ट्रैक्टर-बाइक मार्च
विशद कुमार
आज देश भर में काले कृषि कानूनों के विरोध में एक ऐतिहासिक किसान आंदोलन चल रहा है, ऐसे में झारखंड में भी किसान आंदोलन के समर्थन में और विनाशकारी काले कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार धरना – प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आगामी 26 जनवरी को जमशेदपुर ट्रैक्टर-बाइक रैली का आयोजन किया गया है।
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए  विगत दिनों कई किसान संगठनों द्वारा आंदोलनों का समन्वय करने के लिए “किसान आंदोलन एकताजुटता मंच” का गठन किया गया, जो सफल साबित हुआ है।
विगत 21 जनवरी जमशेदपुर में मंच की ओर से एक ऐतिहासिक रैली संपन्न हुई थी, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया था। अब आगामी 26 जनवरी को दिल्ली में जिस प्रकार से किसान गणतंत्र दिवस परेड निकाला जा रहा है, ठीक उसी तर्ज पर किसान आंदोलन एकजुटता मंच की ओर से जमशेदपुर में भी ट्रैक्टर-बाइक रैली निकाली जाएगी।
इस बाबत किसान आंदोलन एकजुटता मंच ने एक संवाददाता सम्मेलन में प्रेस बयान जारी कर बताया है कि इस रैली में जिला के विभिन्न प्रखंडों से किसान भाई शरीक होंगे। यह रैली आगामी 26 जनवरी को सुबह 11:00 बजे आम बागान मैदान से शुरू होगी। इससे पहले शहर के विभिन्न प्रांत से छोटी-छोटी रैली निकलेगी, जो  आम बागान मैदान में आकर एक साथ हो जाएगी। रैली शहर के विभिन्न स्थानों से होते हुए फिर से आम बागान मैदान में ही आकर समाप्त होगी। रैली में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ-साथ किसान संगठनों का झंडा, मांगों से संबंधित प्लेकार्ड, बैनर भी प्रदर्शित किए जाएंगे। रैली बिल्कुल शांतिपूर्ण होगी और इसमें किसी भी राजनीतिक दल के झंडे बैनर लाने पर प्रतिबंध रहेगा।
किसान आंदोलन एकजुटता मंच सभी से अपील करता है कि भारी संख्या में इस रैली में शामिल होकर देश भर में चल रहे किसान आंदोलन को मजबूती प्रदान करें। मंच शहर के दर्जनों संगठनों से अपील करता है कि अब तक किसान आंदोलन एकजुटता मंच का हिस्सा नहीं बन पाए हैं, वे भी इसका हिस्सा बने। दिल्ली में 500 से अधिक किसान संगठनों को एक साथ लेकर चलने का सफल प्रयोग हुआ है । जमशेदपुर में विगत 21 जनवरी को विशाल रैली जिसमें कई संगठनों की भागीदारी थी, उसकी सफलता ने यहां भी उम्मीद जगाई है। यहां भी इसका सफल प्रयोग होता दिख रहा है, जो भी किसान आंदोलन के साथ हैं तीन कृषि कानूनों के खिलाफ है, इस मंच का हिस्सा बन सकता है। इस मंच में सब की समान भागीदारी होती है। सभी को समान मर्यादा वह इज्जत दी जाती है।
किसी भी प्रकार का भेदभाव यहां नहीं किया जाता है, इसलिए आइए हम सब मिलकर जमशेदपुर से झारखंड में आंदोलन का एक नया इतिहास लिखें।
 आज के इस संवाददाता सम्मेलन में भगवान सिंह, बाबू नाथ, सुमित राय, रवींद्र प्रसाद, दीपक रंजीत, मंथन कुमार मार्डी सहित अन्य नेतृत्व कारी साथी उपस्थित थे!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here