क्या यूपी के नक्शेकदम पर झारखंड? चतरा के डीएसपी ने की पत्रकार अरबाज की पिटाई

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विशद कुमार

हेमंत जी आपके राज्य में यह क्या हो रहा है? कृपया इसे झारखंड रहने दीजिए यूपी मत बनने दीजिए….

विगत 10 अप्रैल को झारखंड के चतरा जिला समाहरणालय स्थित डीएसपी कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ईटीवी भारत के पत्रकार अरबाज की उस वक्त पिटाई कर दी गई जब वे लगभग तीन बजे अपने एक सहयोगी के साथ एक केस के मामले में बाइट लेने डीएसपी केदार राम के कार्यालय में गए हुए थे। मामले पर जहां एक तरफ डीएसपी केदार राम ने पत्रकार द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद बताया है और कहा है कि उन्होंने अरबाज के साथ किसी तरह का कोई दुर्व्यवहार व मारपीट नहीं की है। मामले की जांच के लिए वे तैयार हैं। वहीं अरबाज ने डीएसपी केदार राम पर आरोप लगाया है कि जब वे क्राइम मीटिंग के बाद डीएसपी मुख्यालय केदार राम से समाचार संकलन को लेकर बाइट लेने गये थे, तब डीएसपी केदार राम द्वारा उनके साथ न केवल अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया गया, बल्कि उनके साथ जम कर मारपीट भी की गयी।  अरबाज ने कहा है कि समाहरणालय में लगे सीसीटीवी की जांच होने पर मामले का खुलासा हो जायेगा।
अपबाज ने आरोप लगाया है कि जब वे केदार राम से बाइट लेना चाहा तो वे झल्ला उठे और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। इस तरह की अभद्रता का जब मैंने विरोध किया तब डीएसपी अपनी कुर्सी से उठकर उनपर ताबड़तोड़ थप्पड़ व फैट चलाने लगे और मारते मारते कार्यालय के बाहर तक ले आए। अंगरक्षकों ने भी उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उनके तीन मोबाइल व डिजिटल वॉच भी छीन लिये गये। अरबाज ने बताया कि जब पूरी घटना को लेकर मैं सदर थाना में डीएसपी के विरुद्ध मारपीट को लेकर लिखित शिकायत देने गया, तो उल्टा सदर थाना प्रभारी लव कुमार ने उनसे जबरन एक सादा कागज पर बॉड लिखवाया कि डीएसपी केदार राम व अन्य पुलिस के कर्मियों से उनका किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ है और उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं है। बॉड लिखवाने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
पत्रकार अरबाज ने जिले के पुलिस अधीक्षक ऋषभ कुमार झा से मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। पत्रकार ने कहा है कि डीएसपी केदार राम के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखा जा सकता है। वहीं मामले में डीएसपी केदार राम ने सफाई दी कि मारपीट की कोई घटना नहीं हुई है। मो.अरबाज नामक एक व्यक्ति उनके कार्यालय में पहुंचा। वे नहीं जानते थे कि वे पत्रकार हैं। वह वीडियो बना रहे थे इस कारण उन्होंने उन्हें अपने चेंबर से बाहर निकाल दिया। मारपीट करने का आरोप गलत है।
इस पूरी घटना को झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व को इसकी सूचना दी है। प्रदेश कमेटी के निर्देशानुसार संगठन के चतरा जिला प्रभारी संजय सिंह उमेश ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठन कर 24 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कमेटी को देने के लिए कहा है। जांच कमेटी में अजीत सिन्हा, नवीन पांडेय और हिमांशु सिंह शामिल हैं। इधर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन की प्रदेश कमेटी ने कहा है कि इस तरह की घटना पुलिस की छवि को धूमिल करती है। यदि जांच में डीएसपी और थाना प्रभारी दोषी पाये जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए संगठन डीजीपी से मिल कर कार्रवाई की मांग करेगा। जरूरत पड़ने पर प्रेस काउंसिल में भी शिकायत दर्ज करायी जायेगी।

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