असंगठित कामगार अधिकार मंच उत्तर प्रदेश के साथ कोविड-19 के चलते श्रमिकों की समस्याओं पर वर्चुअल बैठक का आयोजन

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असंगठित कामगार अधिकार मंच उत्तर प्रदेश द्वारा वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से बुद्धिजीवी, स्वयंसेवी संस्थाओं, श्रम संगठनों तथा सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने असंगठित कामगार अधिकार मंच के सदस्य के तौर पर प्रतिभाग किया।
मीटिंग का उद्देश्य
प्रदेश में कोविड-19 के दौरान असंगठित कामगारों की वर्तमान समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके कार्य व रोजगार से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करना तथा तथा आगामी रणनीति तैयार करके उसे सरकार तथा सरकारी एजेंसियो पर दबाव बना कर क्रियान्वयन हेतु प्रयास करना था।
विषय प्रवेश करते हुए अजय शर्मा ने असंगठित कामगारों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा की वर्तमान परिपेक्ष में कोविड-19 के चलते तमाम श्रमिक बेरोजगार हो गए लोगों को उनका परिवार चलाना काफी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार से जो सुविधाएं लोगों को मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है इसके लिए हम सभी लोगों को पत्र व्यवहार के माध्यम से संबंधित अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।
इसी क्रम में इलाहाबाद से श्री अंशु मालवीय ने असंगठित कामगारों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा की कोविड-19 के चलते ना जाने कितने श्रमिक बेरोजगार हुए हैं जिनका डाटा ना तो सरकार के पास है ना ही हम लोग जुटा पा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद के कर्म कारों पर चर्चा करते हुए बताया कि इलाहाबाद की इकोनामी मुख्य रूप से पढ़ने वाले छात्रों के ऊपर निर्भर करती है और छात्र इस समय नहीं है जिससे आस -पास के पटरी दुकानदार जिसमें चाय वाले, खोचे वाले, भोजन बनाने वाले, आदि लोगों का रोजगार पूरी तरीके से बंद हो गया है। वहीं घरेलू कामगार महिलाओं पर चर्चा करते हुए कहा की लॉक डाउन की पहले चार से पांच घरों तक एक महिला काम करती थी वही अब एक भी घर काम करने के लिए नहीं मिल पा रहा है ऐसे में घरेलू कामगार महिलाओं को अपना परिवार चलाना काफी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हम सभी को असंगठित श्रमिकों की मांग तैयार करके सरकार के समक्ष रखनी चाहिए।
इसी क्रम में एम संस्थान से श्री संजय राय ने मनरेगा श्रमिकों की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा की जब प्रवासी मजदूर शहर से अपने गांव की तरफ वापस आ रहे थे उस समय सरकार ने मनरेगा मैं काम को लेकर अपनी रुचि दिखाई थी कुछ जनपदों में मनरेगा के तहत श्रमिकों को काम दिया गया लेकिन यह स्थिति 15 दिन के बाद फिर से सामान्य हो गई। अभी मनरेगा श्रमिकों को गांव में काम ना मिलने की वजह से काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है ऐसे हालात में उनके पास शहर जाने के अलावा दूसरा कोई जरिया नहीं है। शहरों में श्रमिकों को तमाम सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है काम नहीं मिल रहा है इसके साथ साथ सरकार द्वारा संचालित योजनाओं तक उनकी पहुंच नहीं हो पा रही।
एक्शन एड एसोसिएशन से सुश्री मनीषा जी ने असंगठित कामगारों पर अपनी बात रखते हुए कहा की लॉकडाउन के दौरान लगभग 3000000 प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश में वापस आए हैं। इन सभी मजदूर साथियों का रोजगार पूरी तरीके से समाप्त हो चुका है। उन्होंने कुछ आंकड़ों पर चर्चा करते हुए कहा की एक्शन एड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों के मुद्दे पर एक सर्वे किया जा रहा है जिसका प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है जिसके तहत उत्तर प्रदेश में 1300 परिवारों तक पहुंच बन पाई है। इन 1300 परिवारों में अगर देखा जाए तो आंकड़े बताते हैं कि लगभग लगभग सभी लोगों का काम खत्म हो गया है। इसलिए यह सब से चुनौती भरा समय है इसके लिए श्रमिकों के साथ साथ हम सभी को आगे आने की जरूरत है और सरकार के समक्ष आंकड़ों के साथ रणनीतिक तौर पर श्रमिकों की मांगों को लेकर ज्ञापन देने की अति आवश्यकता है।
इसी क्रम में जनपद मऊ से श्री अरविंद मूर्ति जी ने बुनकरों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि मऊ में बुनकरों की हालत बहुत ही खराब है इनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है इनके यहां जो बाहर से प्रवासी मजदूर वापस आए हैं उन एरियाज को लॉकडाउन के दौरान पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है जिसके चलते आसपास के फुटकर दुकानदारों छोटे–छोटे स्वरोजगार करने वाले लोगों का काम पूरी तरीके से बंद हो चुका है यह एक बड़ी समस्या है। श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में श्रम विभाग अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण निर्वहन नहीं कर पा रहा है जिन श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन था उनको 1000 की सहायता राशि नहीं मिल पाई है। इसके साथ साथ नए पंजीकरण कार्य प्रमाण पत्र के चलते नहीं किए जा रहे हैं इसलिए हम सभी को प्रदेश स्तर पर एक समन्वय बनाकर श्रम मंत्री तथा प्रमुख सचिव श्रम से इन मुद्दों पर बात करनी चाहिए।
बनारस से डॉक्टर मोहम्मद आरिफ साहब ने कहा कि बनारस में बुनकरों, मछुआरों में निषाद, नाविक, पटरी दुकानदार, फुटकर दुकानदार आदि श्रमिकों की हालत काफी बदतर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि तमाम लोगों के पास राशन कार्ड की समस्या है पीडीएस सिस्टम की हालत बहुत खराब है लोगों को राशन ना मिल पाने के कारण भुखमरी जैसी समस्या से जूझना पड़ रहा है। डॉक्टर आरिफ जी ने निर्माण श्रमिकों पर चर्चा करते हुए कहा की सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर निर्माण श्रमिकों के लेबर अड्डों को लगभग बंद कर दिया गया है श्रमिकों को खड़े होने की जगह नहीं है साथ ही निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री नहीं मिल पा रही है जिसके चलते निर्माण कार्य काफी प्रभावित हो चुका है ऐसे में निर्माण श्रमिक जो एक बड़ा तबका असंगठित कामगारों में से है वह भयंकर समस्या से ग्रसित हो चुका है। इसलिए इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाने की आवश्यकता है जिससे कि सरकार से बात की जा सके।
फैजाबाद से श्री आफक जी ने कहा कि कुछ साथियों के साथ मिलकर फैजाबाद के साथ-साथ 10 जनपदों में 1000 लोगों से सर्वे के माध्यम से बात हुई है जिससे पता चलता है की एक तो काम नहीं है लोगों के पास दूसरी बात सामाजिक सुरक्षा के नाम पर लोगों को किसी भी तरह की मदद नहीं मिल पा रही है।
इसी क्रम में विज्ञान फाउंडेशन से संजय जी ने प्रवासी श्रमिकों पर चर्चा करते हुए कहा कि लोगों का काम बंद हो जाने की वजह से लोग गांव वापस जाना शुरुआत fd;s इसके बाद अब फिर से जब उन्हें गांव में काम नहीं मिल पा रहा है तो परिवार चलाने के लिए दोबारा शहरों की तरफ पलायन करना शुरुआत कर चुके हैं। शहरों की हालत और भी खराब है] लखनऊ में जितने भी लेबर अड्डे हैं काफी श्रमिक खड़े हो रहे हैं काम नहीं मिल पा रहा है अगर मिल भी पा रहा है तो 200 से 250 रुपए में 10 से 12 घंटे काम करना पड़ रहा है। इसलिए निर्माण श्रमिकों की यह बड़ी समस्या है उन्होंने दो मुख्य मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि अगर सरकार के साथ हम लोगों को बात रखनी है तो प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण की बात तथा उनको योजनाओं से लाभान्वित कैसे किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में अगर मनरेगा वर्करों को काम मिलना शुरुआत हो जाए तो जो बड़ी संख्या में लोग गांव से शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं उस में कमी लाई जा सकती है। इसलिए इन दो मुद्दों को लेकर हमें श्रम विभाग और पंचायती राज विभाग से मिलने की जरूरत है।
मीटिंग के समापन के समय श्री अजय शर्मा जी ने कहा की आज की इस मीटिंग से जो मुख्य मुख्य मुद्दे निकल कर आए हैं उनका एक ज्ञापन बनाकर सबके बीच साझा किया जाए और इसी हफ्ते में माननीय श्रम मंत्री से तथा प्रमुख सचिव श्रम से और उत्तर प्रदेश भवन निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष भलाला साहब से ज्ञापन लेकर मिला जाए। इस बात पर सभी लोगों की सहमति बनी लखनऊ के लोगों ने ज्ञापन बनाकर बुधवार दिनांक 19 अगस्त तक सबके बीच साझा करने की बात कही।
आज की बैठक में उपस्थित मीटिंग में प्रतिभाग करने वालों में बनारस से डॉक्टर मोहम्मद आरिफ साहब, कानपुर से श्री जयवीर सिंह यादव जी, लखनऊ से श्री संजय राय जी, मऊ से अरविंद मूर्ति जी, श्री अजय कुमार शर्मा जी, एक्शन एड से सुश्री मनीषा जी, इलाहाबाद से श्री अंशु मालवीय जी सुश्री अनुराधा जी, कुशीनगर में मूसहर मंच से श्री राम विलास प्रसाद जी, बाराबंकी से मनोज कुमार जी, कानपुर से दिहाड़ी मजदूर संगठन के अध्यक्ष श्री अंकित गौतम जी, इलाहाबाद से दिहाड़ी मजदूर संगठन के श्री अरुण कुमार शर्मा जी सहित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मीटिंग का समापन किया गया।
गुरुप्रसाद
9415605912

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