बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ रोज़गार की मांग पर युवाओं ने निकाला मशाल जुलूस

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रोज़गार के हक़ की लड़ाई होगी तेज़.

रोज़गार मांगे इंडिया, युवा स्वाभिमान मोर्चा, इनौस, आइसा, ऐपवा, एनएमएसआर से जुड़े सदस्य शामिल रहे.
09सितंबर, 2020

देश में बेरोजगारी की दर बढ़कर 9.1% और विकास दर जीडीपी घटकर (माइनस) -23.9 तक गिर गई है. ऐसे दौर में देश के प्रधानमंत्री नौजवानों को मूर्ख बनाने व मोर नचाने में लगे हैं और वित्त मंत्री “एक्ट ऑफ गॉड” कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच जाना चाहती हैं.


दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने की बात कहते हुए आई सरकार दो करोड़ से ज्यादा रोजगार छीन ली और सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण करके इससे कई गुना पद ही खत्म कर दिए. जिन रिक्त पड़े पदों के लिए फार्म निकाले गए उनकी भी नियुक्ति नहीं हो सकी. रेलवे की डेढ़ लाख पदों के लिए फार्म 2019 में लोकसभा चुनाव से पूर्व भराया गया, जिसमें 02करोड़ 42 लाख आवेदन फार्म ₹500 देकर भरे गए लेकिन अभी तक परीक्षा नहीं हो सकी,एसएससी सीजीएल 2018 की 11271 पदों के लिए 4 मई 2018 को विज्ञापन आया लेकिन अभी तक अंतिम परिणाम जारी नहीं हुआ.
उत्तर प्रदेश सरकार भी रोजगार देने से पीछे हट गई. प्रदेश के सभी आयोगों, बोर्डों (उ. प्र.लोकसेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, उ. प्र. अधिनस्त शिक्षा सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, पुलिस भर्ती बोर्ड ) में न सिर्फ नौकरियां कम हुई है बल्कि परीक्षाओं में अनियमितता व भ्रष्टाचार आम बात होती जा रही है. सभी संस्थाएं समय से परीक्षा,परिणाम व नियुक्ति देने में अक्षम हो गई है. प्रधानमंत्री महोदय 06माह में नियुक्ति देने की बात करते हैं लेकिन 6 साल में भी नियुक्ति पूरी होती नहीं दिखाई देती . भर्तियों में भ्रष्टाचार व न्यायालय में मामला लंबित होने का एलटी, 69000 शिक्षक भर्ती बानगी भर है. रोजगार देने की जिम्मेदारी सरकार की है लेकिन आज नौजवानों को आयोग के गठन, सदस्यों की नियुक्ति, पदों का विज्ञापन, परीक्षा, परिणाम, नियुक्ति और ज्वाइनिंग के लिए सड़क पर आंदोलन व न्यायालय का रास्ता अपनाना पड़ता है.आज सरकार ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर लेटरल एंट्री के द्वारा नियुक्त कर लोकसेवा आयोग की स्वायत्तता व आरक्षण की व्यवस्था ख़त्म कर रही है. जो संस्था के साथ संविधान पर चोट है.
आज अँधेरा मिटाओ मशाल जलाओ कार्यक्रम में सुनील मौर्य, अंतस सर्वानंद, सोनू यादव, शिवानी, मो. साक़िब, प्रदीप ओबामा, विवेक सुल्तानपुरी, सुनील सरोज, अलिक मौर्य, रणविजय गोंड, शनि, आदि
शामिल रहे.
नौजवानों के समर्थन में इरेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज पांडे, उपाध्यक्ष डॉ कमल उसरी, संजय तिवारी, इफ़्तेख़ार शामिल रहे.

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