सार्वजनिक उपक्रमों को औने-पौने दामों पर बेचने का किया विरोध

6
145


जनवादी लोकमंच, अखिल भारतीय प्रगतिशील छात्र मंच, किसान संग्राम समिति आज़मगढ़ के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आहूत निजीकरण के खिलाफ 26 नवंबर की आम हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुए एलआईसी शाखा (एक) शाखा(2) बीएसएनएल ऑफिस, बैंक के शाखाओं पर घूम कर ,अपनी बात रखते हुए इस आम हड़ताल का समर्थन किया ।

उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार के सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण करने और उन क्षेत्रों के देशी-विदेशी पूंजीपतियों के हाथों बेचने का विरोध किया साथ ही साथ श्रम कानूनों में जन विरोधी संशोधन व किसानों के संबंध में लाये गए कृषि विधेयक जो कॉर्पोरेट घरानों के हित में है ।इन नीतियों का विरोध करते हुए नई पेंशन योजना के खिलाफ आवाज बुलंद किया और मांग किया सबको समान काम का समान वेतन, हर हाथ को काम,स्थाई नियुक्ति ,पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षा चिकित्सा के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाया।साथ ही सभी सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण को देश विरोधी बताया गया।

संगठन के प्रतिनिधियों ने सभी ट्रेड यूनियन के साथियों से एक मंच पर आने का आह्वान किया कि आम जन समुदाय ,छात्र किसान, कर्मचारियों ,बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर निजीकरण के खिलाफ लंबे संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए।

संदीप ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल “सिर्फ हंगामा खड़ा करना हमारा मकसद नहीं, हमारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए” गाकर हड़ताली मजदूर कर्मचारियों का हौसला अफजाई किया।

प्रतिनिधि मंडल में डॉ रवींद्र नाथ राय, दुखहरन राम, सूबेदार यादव, राहुल, रामाश्रय यादव, अवधेश, संदीप, हरिकेश, प्रशांत आदि लोग रहे।

डॉ रवींद्र नाथ राय
9451830515

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here