गाँधी के विज्ञान के साथ असहमति पर उनकी जन-परकता को सलाम

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तमाम असहमतियों के बावजूद, साम्प्रदायिकता व फ़ासिज़्म से लड़ने में, गांधी एक बड़े प्रतीक के रूप में हम सबके साथ हैं. गांधी आज भी चुनौती बने हुए हैं. बारम्बार उन्हें मारने की कोशिश होती है, बारम्बार वे जीवंत हो उठते हैं! उन्हें भुलाने की जितनी अधिक कोशिशें होती हैं, उतना ही अधिक वे याद आने लगते हैं! कुछ तो है उनमें, जो उन्हें प्रासंगिक बनाए हुए है, जो उन्हें मरने नहीं देता! उनकी स्मृति को सादर नमन!
SHIV KUMAR PARAG

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