बाबूलाल मरांडी के खिलाफ सालखन मुर्मू ने किया एफआईआर 

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  • विशद कुमार
पूर्व सांसद एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के खिलाफ 27 मार्च को पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर के कदम थाना में एक एफआईआर दर्ज कराते हुए लिखा है कि मैं सालखन मुर्मू , पूर्व सांसद पिता- स्वर्गीय रामराय मुर्मू, स्थायी निवासी ग्राम/ पोस्ट- करनडीह, थाना – परसुडीह, जमशेदपुर- 831002 और अस्थायी निवासी – क्वार्टर नंबर -12 ,रोड नंबर- 21, कदमा फार्म एरिया, जमशेदपुर 831005 श्रीमान बाबूलाल मरांडी के खिलाफ शिकायत दर्ज करना चाहता हूं। चूँकि वायूलाल मरांडी ने “आदिवासी जन्म से हिंदू हैं ” का सार्वजनिक वक्तव्य 7 मार्च 2021 को रांची में दिया फिर 14 मार्च 2021 को जमशेदपुर सर्किट हाउस में पत्रकारों के समक्ष में दुहराया। जो संविधान के अनुच्छेद 19, 21, 25 का घोर उल्लंघन है। तथा हमें और हमारे आदिवासी समाज के साथ मानसिक एवं सामाजिक प्रताड़ना का ठोस सबूत है। अतः इसे FIR के रूप में स्वीकार किया जाए। मैं आदिवासी संगेल अभियान, एक सामाजिक संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। जो झारखंड, बिहार,  बंगाल, उड़ीसा आदि प्रदेशों में आदिवासी सामाज के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है। जिसका सीधा सरोकार आदिवासी समाज के हितों से जुड़ा हुआ है। अतः आदिवासी समाज हित में यह FIR है।

चूंकि 7 मार्च 2021 और 14 मार्च 2021 के बाद अब तक श्रीमान बाबूलाल मरांडी ने अपनी गलत, भ्रामक और अपमानजनक वक्तव्य को वापस नहीं लिया है, माफी भी नहीं मांगी है, इसलिए मुझे उनके खिलाफ में यह शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार बनता है तथा उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करने का भी हमारा अधिकार बनता है। मैं इस शिकायत पत्र के साथ हिन्दुस्तान दैनिक समाचार पत्र तिथि 8.3.2021 और 15.3.2021 के तीन पेपर फोटोकॉपी संलग्न कर रहा हूँ। साथ ही 17.3.2021 को हमारे द्वारा प्रसारित प्रेस विज्ञप्ति का फोटोकॉपी भी संलग्न कर रहा हूँ। आशा है संविधान, कानून और मानवीय गरिमा का ध्यान रखते हुए उचित, त्वरित कार्यवाई की जायेगी।

सालखन ने एफआईआर में लिखा है कि श्री बाबूलाल मरांडी का वक्तव्य कि आदिवासी जन्म से हिंदू हैं, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19, 21 और 25 का घोर उल्लंघन तो है ही और कोई भी आदिवासी जो जन्म से हिंदू नहीं है, उसके लिए अपमानजनक है, क्रूरतापूर्ण भी है और बाकी सभी आदिवासी समाज के लोगों को जबरन हिन्दू बनाने का एक षड्यंत्र भी है। मैं सालखन मुर्मू क्योंकि जन्म से हिंदू नहीं हूं। इसलिए बाबूलाल मरांडी के वक्तव्य से मुझे मानसिक और सार्वजनिक रूप से काफी आघात पहुंचा है और यह हमारे मान सम्मान और मालिक अधिकार के खिलाफ भी है। फिर चूंकि 7 मार्च 2021 और 14 मार्च 2021 के बाद अब तक श्रीमान बाबूलाल मरांडी ने अपनी गलत, भ्रामक और अपमानजनक वक्तव्य को वापस नहीं लिया है, माफी भी नहीं मांगी है, इसलिए मुझे उनके खिलाफ में यह शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार बनता है तथा उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करने का भी हमारा अधिकार बनता है। मैं इस शिकायत पत्र के साथ हिन्दुस्तान दैनिक समाचार पत्र तिथि 8.3.2021 और 15.3.2021 के तीन पेपर फोटोकॉपी संलग्न कर रहा हूँ। साथ ही 17.3.2021 को हमारे द्वारा प्रसारित प्रेस विज्ञप्ति का फोटोकॉपी भी संलग्न कर रहा हूँ। आशा है संविधान, कानून और मानवीय गरिमा का ध्यान रखते हुए उचित, त्वरित कार्यवाई की जायेगी।

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