योगी के इस्तीफे की मांग को लेकर ऐपवा ने किया पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन

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वाराणसी, 9 अक्टूबरः हाथरस समेत पूरे प्रदेश में महिलाओं के साथ बर्बर यौन हिंसा व हत्या की घटनाओं के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला और अपना मांगपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को सौंपा
• बलात्कारियो के लिए कड़ी सजा की मांग की

• ऐपवा ने कहा- योगी मुख्यमंत्री की कुर्सी के लायक नही
ऐपवा ने वारणसी के शास्त्री घाट पर विरोध प्रदर्शन किया।
सभा को सम्बोधित करते हुए ऐपवा प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी हाथरस मामले में अपने पुलिस प्रशासन की निरंकुशता पर पर्दा डालने और अपनी सरकार की विफलता से ध्यान भटकाते हुए अब इस मामले पर सांप्रदायिक राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं और इस पूरी घटना केलिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनो की साजिश बता रहे हैं। इतना ही नही यह सरकार पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करबे गए आंदोलनकारियों पर फर्जी मुकदमे लाद रही है -और जनपक्षधर पत्रकारों को U A P A जैसे काले कानूनों में फंसा कर गिरफ्तार कर रही हैं।
गांधी विद्या संस्थान आए डॉ मुनिज़ा रफीक खान ने कहा कि वर्तमान सरकार हाथरस पीड़िता के पक्ष में उठी हर आवाज को अपनी पुलिस के बल पर दबा देना चाहती है इसलिए लखनऊ में कल आयोजित कार्यक्रम में अनेक महिला नेता समेत नारी मुक्ति की प्रमुख आवाज प्रो रूपररेखा वर्मा को भी कल उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

दलित एक्टविस्ट स्मिता बागड़े ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा की यूपी में हाथरस की घटना ने दलित अस्मिता और जाति उन्मूलन के सवाल को एक बार फिर समाजिक पटल पर सामने ला दिया है और उस इस जाति विषमता को समाप्त कर पाने में। प्रदेश के राजनीतिक दलों की असफलता भी खुलकर सामने आ गयी गए। दलित मुक्ति के आंदोलन के आज उत्तर प्रदेश में बाबा साहब अंबेडकर की विचारों से प्रेरणा लेते हुए पुनर्निमित करना होगा।

कार्यक्रम भाकपा माले के प्रदेश सचिव का सुधाकर यादव ने कहा कि हाथरस , बलरामपुर समेत पूरे प्रदेश में दलित महिलाओं के ऊपर इस सरकार में दमन बढ़ा है। अपराधियों के हौंसले बुलंद है उन्हें सत्ता का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है यह बात हाथरस में पुलिस के सहयोग से बलात्कारियो के समर्थन में आयोजित राष्ट्रीय सवर्ण परिषद की पंचायत से खुलकर सामने आ गयी है।
ऐपवा नेता आशु मीणा ने कहा कि हाथरस मामले मे हम।महिलाये अपना सँघर्ष तब तक जारी रखेंगी जब तक बलात्कारियो को कड़ी सजा न मिल जाये।
अंत में 9 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी कब।माध्यम से महामहिम राज्यपाल को सौंपा गया।
कार्यक्रम में ऐपवा की वरिष्ठ नेता विभा वाही, , वर्षा, अनामिका मौर्या, सहसचिव सुजाता भटाचार्य, चोलापुर से गीता, सुमित्रा, सिंधौरा से रुखसाना, लालती, नूरजहाँ मार्क्सवादी लेखक का. वी के सिंह, आइसा से राजेंश, विक्रम
बीसीएम से अनुपम , बीएचयू की छात्र शशांक
भाकपा माले के जिला सचिव का. अमरनाथ राजभर, शहर प्रभारी का . कमलेश यादव, डॉ. मोहम्मद आरिफ आदि मौजूद थे।

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