मुन्नालाल चुने गए उत्तर प्रदेश निर्माण व असंगठित मज़दूर यूनियन की पिंडरा इकाई के अध्यक्ष

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चित्र परिचयः सबसे ऊपर अध्यक्ष मुन्नालाल, फिर उपाध्यक्ष जोगेंद्र, उसके बाद सचिव अश्विन कुमार और सबसे आखिर में कोषाध्यक्ष रमेश कुमार
पिंडरा (वाराणसी): शनिवार 5 नवंबर को यहाँ हुई उत्तर प्रदेश असंगठित व निर्माण मजदूर यूनियन की पिंडरा इकाई की आमसभा की हुई बैठक में कार्यकारिणी का चुनाव किया गया और सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।
कार्यकारिणी ने एकमत से मुन्नालाल को अध्यक्ष, अश्विन कुमार को सचिव, जोगेंद्र को उपाध्यक्ष और रमेश राजभर को कोषाध्यक्ष चुना।
अध्यक्ष मंडल में शामिल रामनारायण सिंह, गुरुप्रसाद सिंह और प्रो. राजेंद प्रसाद सिंह की देखरेख में चुनाव संपन्न हुआ।
इस मौके पर यूनियन की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से कामता प्रसाद को यूनियन से जुड़े मीडिया के कामों एवं अन्य पत्राचारों की जिम्मेदारी सौंपी।
अपने संबोधन में नव-निर्वाचित अध्यक्ष मुन्नालाल ने कहा कि यथाशीघ्र यूनियन के पंजीकरण का कार्य हाथ में लिया जाएगा और यूनियन से संबंधित सभी मजदूर साथियों के लेबर ऑफिस में पंजीकरण के काम को वृहत स्तर पर हाथ में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन मज़दूर साथियों का लेबर कार्ड नहीं बना है वे यूनियन से संपर्क करें ताकि समूह में नाटी इमली स्थित लेबर ऑफिस चलकर सभी लोगों का एक साथ कार्ड बनवाया जा सके।
यूनियन के सचिव अश्विन कुमार ने आमसभा व कार्यकारिणी को भरोसा दिलाया कि वे यूनियन के भौगोलिक फैलाव की दिशा में सक्रिय होकर काम करेंगे और जिन मज़दूर साथियों के साथ उनका रोज का उठना-बैठना है, उन्हें और उनके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मज़दूर साथियों को यूनियन से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव के साहित्य का भी मज़दूरों में प्रचार-प्रसार करेंगे और इसके लिए सामूहिक अध्ययन चक्र चलाने की दिशा में कोशिश करेंगे।
यूनियन के कोषाध्यक्ष रमेश राजभर ने कहा कि मज़दूरों की जिंदगी से जुड़ी कहानियों-उपन्यासों के सामूहिक अध्ययन को गठित करने की कोशिश की जाएगी और मज़दूरों की चेतना को उन्नत बनाने के लिए बेहतरीन फिल्मों का भी उनके बीच प्रदर्शन किया जाएगा। रमेश राजभर भी इस बात को लेकर मुतमईन थे कि उनके साथ जो मजदूर काम करते हैं और जिनसे उनका परिचय है उनके बीच यूनियन के उद्देश्यों को लेकर बातचीत की जाएगी।
यूनियन के उपाध्यक्ष जोगेंद्र कुमार ने कहा कि अकेले-अकेले हर मज़दूर बेबस और लाचार है लेकिन एकता में बड़ी ताकत होती है। मज़दूर जब यूनियन के बैनर तले एकजुट रहेंगे तो मालिक-ठेकेदार उनकी मज़दूरी नहीं हड़प पाएंगे और किसी दुखद-अप्रिय घटना की सूरत में चिकित्सा-व्यय पाने के लिए संघर्ष करना आसान हो जाएगा।
इस मौके पर आमसभा द्वारा चुनी गई कार्यकारिणी के सदस्यों में सर्वश्री श्याम आसरे, ऊदल, अशोक यादव, प्रदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार, कामता प्रसाद, सुजीत कुमार, राजेश कुमार, महेंद्र यादव, आनंद, शेखर आदि के नाम शामिल हैं। कार्यकारिणी का गठन 25 सदस्यों को मिलाकर किया गया।
अध्यक्ष मंडल के सदस्य श्री रामनारायण सिंह ने कहा कि गहनी और उसकी तरह के दूसरे मज़दूर चौकों पर यूनियन के सदस्य प्रचार अभियान को गठित करें तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा समेत दूसरे सभी राजनीतिक दल युवाओं को रोजगार देने में विफल रहे हैं। सरकार चाहे भाजपा की हो या फिर किसी और की जब तक पूँजीपतियों को समाज में वरदहस्त हासिल रहेगा, रोजगार की समस्या सुलझने वाली नहीं।
इस मौके पर गुरुप्रसाद सिंह ने कहा कि मज़दूरों को संगठित होकर अपनी कार्य-दशाओं को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मज़दूरों को उचित मज़दूरी समय से प्राप्त हो, इसके लिए उन्हें यूनियन के बैनर तले एकजुट होना चाहिए।
प्रो. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि मज़दूरों के संगठित होने से उनकी राजनीतिक हैसियत बढ़ेगी, वे अपने समाज से जुड़ी तमाम सामाजिक-शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मूल कारण को समझेंगे व उसे दूर करने के लिए प्रभावी संघर्ष करने में सक्षम होंगे। उन्होंने आगे कहा कि मज़दूर संगठित होकर परस्पर सहयोग से सामाजिक रूप से भी संबलित होंगे और अपने सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में भी कार्य कर सकेंगे।

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