आगामी पंचायती चुनावो में युवाओं द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए आह्वान

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चौबेपुर: सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के तत्वावधान में भंदहा कला ग्राम में आयोजित की गयी दो दिवसीय जन अधिकार कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ.दूसरे दिन प्रमुख रूप से पंचायती राज अधिनियम, पथ विक्रेता संरक्षण अधिनियम, किसानो के लिए बने कानूनों और नयी शिक्षा नीति पर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायती चुनावो में युवाओं द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए आह्वान करते हुए लोक चेतना समिति के सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत पंचायतों को असीमित अधिकार प्रदान किये गये हैं और यह एक स्थानीय सरकार के रूप में कार्य करती है लेकिन दुर्भाग्य से पंचायते अपने अधिकारों और कर्तव्यों का निर्वहन नही कर पा रही हैं. जागरूक, कर्मठ एवं  ईमानदार जन प्रतिनिधियों के चुनाव से हम अपनी पंचायतों को मजबूत बना सकते हैं.
सत्र को संबोधित करते हुए स्वराज अभियान के राम जनम भाई ने कहा कि खेती किसानी आज संकट के दौर से गुजर रही है ऐसे में हाल में ही पारित किये गये कृषि कानूनों से किसानो की समस्या घटने के बजाय बढ़ेगी. आवश्यक वस्तु अधिनियम में परिवर्तन के कारण जमाखोरी को लगाम लगाना मुश्किल होगा जिससे जरूरी वस्तुओं के मूल्यों पर नियंत्रण कर पाना संभव नही हो पायेगा. उन्होंने कहा कि किसानो को जागरूक होना पड़ेगा और उनके हित के लिए चल रही योजनाओं के प्रति सचेत होकर अधिकतम लाभ प्राप्त करने को तत्पर रहना होगा.
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायती चुनावो में युवाओं द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए आह्वान करते हुए लोक चेतना समिति के सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत पंचायतों को असीमित अधिकार प्रदान किये गये हैं और यह एक स्थानीय सरकार के रूप में कार्य करती है लेकिन दुर्भाग्य से पंचायते अपने अधिकारों और कर्तव्यों का निर्वहन नही कर पा रही हैं. जागरूक, कर्मठ एवं  ईमानदार जन प्रतिनिधियों के चुनाव से हम अपनी पंचायतों को मजबूत बना सकते हैं.
वरिष्ठ  सामाजिक कार्यकर्त्ता अरविन्द मूर्ति ने कहा कि बढ़ते बाजारीकरण के कारण आज समाज का एक बड़ा हिस्सा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहा हैकोई स्पष्ट नीति न होने के कारण सरकारी विद्यालयों की स्थिति क्रमशः दयनीय होती जा रही है.  धनंजय त्रिपाठी ने पथ विक्रेता संरक्षण अधिनियम के बारे में विस्तार से समझाया और कहा कि इस कानून के क्रियान्वयन में हीला हवाली की जा रही है. 
आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि देश में सभी को एक जैसी शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए चाहे वह राष्ट्रपति की संतान हो अथवा किसान की. सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने से ही यह संभव हो सकेगा. जिस प्रकार नवोदय विद्यालयों और केन्द्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए अभिभावक उत्सुकता दिखाते हैं उसी प्रकार सरकारी प्राथमिक स्कूलों की भी गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार होने पर बच्चों के प्रवेश के लिए लोगों का झुकाव होगा.
कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की पूण्यतिथि एवं प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया. कार्यशाला में अजय पटेल, राजकुमार गुप्ता, रमेश कुमार, सतीश चौहान, राम किशोर, पूजा यादव, महेंद्र, प्रियंका, दिव्या, आशुतोष, सर्वेश, शिवराज, सतीश, हौशिला, धनंजय, आर्या, विनय, राजकुमार, प्रीति, रणजीत, दीनदयाल, रमेश प्रसाद,  मुस्तफ़ा, अमित, उर्मिला, आशा, सीमा, सरोज,  रामबली, अंजूदेवी, रेनू, संतोष, रविन्द्र, राजेश, गौरव आदि लोग उपस्थित थे।

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