‘पूस की रात’ की याद दिलाता अंकित व उसका डैनी

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विशद कुमार
जब आप यह तस्वीर देखेंगे तो आपको मुंशी प्रेमचंद की ‘पुस की रात’ का किसान हल्कू और उसका कुत्ता जबरा एक बारगी जेहन में कौंध जाएगा। करीब दस साल का अंकित और उसका कुत्ता डैनी आज सोशल मीडिया पर चर्चे में इसलिए है कि अंकित का बाप जेल में है और उसकी मां उसे कुछ साल पहले ही उसे छोड़कर कहीं चली गई। उसका बाप कब से जेल में है और किस अपराध में है? पता नहीं, क्योंकि अंकित को अपने पिता का नाम भी याद नहीं है। उसकी मां उसे छोड़कर चली गई या किसी हादसे की शिकार हो गई, यह भी कई सवालों के साथ गुम है, क्योंकि कोई मां अपने मासूम बच्चे के साथ ऐसा नहीं कर सकती, ऐसी सामाजिक समझ है या प्राकृतिक मजबूरी है, हम सभी जानते हैं। अंकित को अपनी मां के बारे में बस इतनी स्मरण है कि वह भीख मांगकर गुजारा करती थी।
समय की क्रूरता क्या होती है उसे इस छोटी सी उम्र का ये मासूम ठीक तरह समझता भी शायद ना हो। यूपी के मुजफ्फरनगर का अंकित जिसको यह तक याद नहीं कि वह कहां से ताल्लुक रखता है। लेकिन वह यह जानता है कि उसके पापा जेल में हैं। जबकि उसे पैदा करने वाली मां ने उसे दर दर की ठोकरें खाने के लिए अकेला छोड़ दिया है। अंकित किसी को नहीं जानता। लेकिन वह चाय की दुकान पर काम करके और गुब्बारे बेचकर अपनी जिंदगी काट रहा है। उसे जब किसी का सहारा नहीं मिला तो एक बेजुबान उसकी दुनिया में आसरा बनकर आया। जिसके बाद वह अपने अजीज दोस्त कुत्ते डैनी के साथ फुटपाथ पर सोता है। डैनी हमेशा उसके साथ ही रहता है।
जानकारी के अनुसार पिछले कई सालों से अंकित इसी तरह से जिंदगी जी रहा है। दिनभर में वह जो भी कमाता है उससे डैनी और अपना पेट भरने पर खर्च कर देता है। एक चाय की दुकान के मालिक ने बताया कि जब तक अंकित उनकी दुकान में काम करता, उसका कुत्ता एक कोने में बैठा रहता था। उन्होंने कहा कि अंकित कभी भी फ्री में कुछ नहीं लेता। और तो और वह अपने कुत्ते के लिए किसी से दूध भी नहीं मांगता।
अभी कुछ ही दिन पहले भूषण नामक एक स्थानीय पत्रकार ने बंद दुकान के बाहर एक बच्चे और उसके कुत्ते को कंबल में साथ सोता देखा। उसने इस लम्हे को कैमरे में कैद किया और तस्वीर को सोशल मीडिया पर डाल दिया। पूरा वाक़या इंटरनेट पर वायरल हुआ जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने बच्चे की तलाश शुरू की और सोमवार की सुबह तक पुलिस ने बच्चे को ढूंढ लिया।
 बच्चे अंकित की उम्र लगभग 9 से 10 साल बताई जा रही है। जिसे ढूंढने के लिए मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक यादव ने पुलिस की एक टीम भेजी थी। बच्चे को ढूंढ निकाला गया।
फिलहाल वह अभी मुजफ्फरनगर पुलिस की ही देखरेख में है।
एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक ने बताया कि ‘हम उसके रिश्तेदारों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए अंकित की तस्वीरें आसपास के जिलों के अलग-अलग थानों में भेजी गई है। हमने जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी है।’ अभषेक ने कहा कि पुलिस के अनुरोध पर एक प्राइवेट स्कूल उसे मुफ्त शिक्षा देने को राजी हो गया है।

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