शहीद चौक पर प्रदर्शन कर कृषि कानून की प्रतियां जलाई 

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रांची 5 जून : संपूर्ण क्रांति दिवस के मौके पर आज तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गई। भाकपा माले रांची नगर कमेटी के कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक पर प्रदर्शन कर कृषि कानून की प्रतियां जलाई और तीनों काले कानून को वापस लेने मांग की। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यकर्ताओं ने ” संपूर्ण क्रांति जिंदाबाद तानाशाही मुर्दाबाद, कंपनी राज मुर्दाबाद “के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। माले केंद्रीय कमेटी के सदस्य शुभेंदु सेन ने कहा कि किसान आंदोलन संपूर्ण क्रांति की आवाज है। किसान आंदोलन में संपूर्ण क्रांति के सारे आयाम मौजूद हैं। राजनीतिक आर्थिक सामाजिक और बौद्धिक स्तर पर संपूर्ण क्रांति की तरह ही किसान आंदोलन से बदलाव होंगे। किसान आंदोलन संपूर्ण क्रांति की तरह तानाशाही के खिलाफ लोकशाही का प्रतीक है।
 माले जिला सचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कि सड़कों के आंदोलन ही सत्ता की तानाशाही का नाश करेगा। देश के  किसानो और आम नागरिकों का केंद्र सरकार से भरोसा टूटा है । देश को अब सरकार के भरोसे नहीं बल्कि संपूर्ण क्रांति की दिशा में आंदोलनों से संवारना होगा। कंपनियों को सुपर पावर बना देने से कोरोना आपदा से मुकाबला नहीं किया जा सकता हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ लड़ाई तेज करना होगा।
 क्रांति दिवस के मौके पर आयोजित प्रदर्शन में भाकपा माले के नगर सचिव नंदिता भट्टाचार्य छात्र नेता नोरीन अख्तर,  राजेंद्र दास, अमानत गद्दी, शोभा देवी ,एनामुल हक, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे

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