मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार गारंटी कानून के तहत काम

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रांचीः एक ओर लातेहार जिला प्रशासन मनरेगा में काम माँगने वाले श्रमिकों को काम माँगने के 24 घंटे के अन्दर काम उपलब्ध करा देने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर महुआडाँड़ प्रखण्ड अन्तर्गत नेतरहाट पंचायत के आधे गाँव के 13 मजदूर पिछले 6 जुलाई को ही सामूहिक काम का आवेदन दिये हैं परन्तु उनको अब तक काम नहीं दिया गया। उल्टे काम माँग करने वाले श्रमिकों के नाम मस्टर राल सृजित कर प्रखण्ड प्रशासन उन मजदूरों को बेरोजगारी भत्ते के अधिकार से भी वंचित कर दी है। कोविड 19 लाक डाऊन में जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा मजदूर जिनके तमाम आर्थिक श्रोत बन्द हैं, उनको मनरेगा जैसे कानूनी अधिकारों से वंचित करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। काम माँग करने वाले सभी आदिम जनजाति वृजिया परिवार के सदस्य हैं।
काम माँग करने वाले संतोष वृजिया, मानती वृजिया, सोमरी देवी, दुखु वृजिया आदि ने बताया कि प्रखण्ड मुख्यालय से काफी दूर गाँव होने की वजह से यहाँ कोई भी सरकारी कर्मी यथा रोजगार सेवक, पंचायत सेवक, मुखिया आदि कभी नहीं आते हैं। पंचायत मुख्यालय पहुँचने के लिए इस गाँव के लोगों को 4 घंटे पैदल और जंगली पहाड़ी रास्तों से होकर जाना पड़ता है। विगत् 3 जुलाई को नरेगा सहायता केन्द्र के सदस्य अफसाना एवं एग्नेसिया गाँव में आये थे। उनके द्वारा सभी मजदूरों ने काम का आवेदन कर 6 जुलाई से काम की माँग किये थे। उनका आवेदन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया। उनके स्तर से कोई कार्रवाई न होते देख जिले के उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त को भी आवेदन प्रेषित की गई। आनन-फानन में मजदूरों का मस्टर राल ग्राम आधे में मिलयानी देवी के खेत में डोभा निर्माण में दिनाँक 8 जुलाई से 14 जुलाई तक सृजित किया गया। लेकिन किसी कर्मी ने उन श्रमिकों को काम पर लगने की सूचना नहीं दी और वगैर काम किये मस्टर राल की अवधि समाप्त हो गई।
दूसरी तरफ दुरूप पंचायत के दौना गाँव में फिलिप सारस का आम बागवानी योजना में वगैर मस्टर के मजदूरों से काम कराया गया। सिर्फ यही नहीं अब उन श्रमिकों के बदले दुसरे मजदूरों के  नाम से फर्जी मस्टर राल संधारित कर सरकारी पैसे की लूट जारी है, जिन्होंने योजना स्थल पर कार्य किया ही नहीं है। यह फर्जीवाडा ग्राम पंचायत मुखिया, ग्राम रोजगार सेवक एवं पंचायत सेवक एवं प्रखण्ड कर्मियों की मिलीभगत से की जा रही है। दिनाँक 5 जुलाई से 11 जुलाई तक संधारित मस्टर राल में मेरी तेलरा, जुनास वृजिया, जसिन्ता देवी, फिलिप सारस, फुलमति देवी, तरसियुस तेलरा एवं फुलकुमारी के नाम हैं। पुनः 12 से 18 जून तक निर्गत मस्टर राल में इनके अतिरिक्त मंजू देवी और जेन्डर वृजिया का नाम दर्ज है। जबकि 3 जुलाई को कार्यस्थल पर कार्यरत वास्तविक मजदूरों में जार्ज वृजिया, विनोद वृजिया, हेरमोन वृजिया, जसटिन वृजिया, प्रमोद वृजिया, अमल वृजिया, अलेक्स वृजिया, कल्याण वृजिया, अलोक वृजिया, मनीष वृजिया और मनोज वृजिया शामिल थे। इनके अलावे 3 नाबालिग मजदूर क्रमशः जोन्सन वृजिया, सुरेन्द्र वृजिया व आशिष वृजिया कार्य कर रहे थे। इस संबंध में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं जिले के वरीय अधिकारियों को शिकायत आवेदन समर्पित की गई है। परन्तु किसी प्रकार की कार्रवाई अभी लंबित है।

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