‘खेती-किसानी को बड़े दलाल पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए लाए गए हैं तीनों कृषि कानून’

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27 सितम्बर 2021 इलाहाबाद,
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा साम्राज्यवाद परस्त और जनविरोधी 3 कृषि कानूनों व चार लेबर कोड के खिलाफ 27 सितम्बर को बुलाये गए भारत बंद के समर्थन में आज इंक़लाबी छात्र ने ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के मेन गेट से मशाल जुलूस और सभा का आयोजन किया।
सभा में संगठन के सहसचिव देवेंद्र आज़ाद ने बात रखते हुए कहा कि “तीनों कृषि कानून और चार लेबर कोड किसान और मजदूर विरोधी है। यह फासीवादी भाजपा सरकार किसान आंदोलन को अपनी तानाशाही नीतियों से झुका नहीं सकती।”
इलाहाबाद हाइकोर्ट की अधिवक्ता सोनी आज़ाद ने लेबर कोड बिल पर बात रखते हुए कहा कि “यह बिल पूर्णतः मजदूर विरोधी है। इस बिल के अनुसार अगर किसी फैक्ट्री में 300 से कम मजदूर हैं तो वहाँ मजदूर यूनियन नहीं बना सकते हैं और न ही कोई हड़ताल कर सकते हैं।”
वक्ताओं ने कहा कि ये तीनों कृषि कानून खेती- किसानी को साम्राज्यवादी पूंजी व भारत के बड़े दलाल पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए लाए गए हैं। यह कानून अमेरिकी साम्राज्यवाद द्वारा पोषित विश्व व्यापार संगठन(WTO) के निर्देश पर भारत सरकार द्वारा लाया गया है। इन कानूनों को खत्म करने की लड़ाई नव साम्राज्यवाद व दलाल पूंजीपतियों से भारत के मुक्ति की लड़ाई की शुरुआत है। वक्ताओं ने कहा कि आज जरूरत है कि मजदूर- किसान और नौजवान एकजुट होकर इस साम्राज्यवादी, पूंजीवादी व ब्राह्मणवादी- सामंती व्यवस्था को नेस्तनाबूद कर दें।
सभा और मशाल जुलूस का संचालन विवेक ने किया। सभा में मुख्य रूप से सोनी आज़ाद, अनामिका, पंकज विद्यार्थी, देवेंद्र आज़ाद, अवनेंद्र, विशाल,सुनील पासवान, अवनीश, सौम्य, रजनीश, कैफ अली, पवन यादव, रामचंद्र, रितेश विद्यार्थी सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
दिनाँक-27-09-2021
                               द्वारा जारी
                               सोनू निश्चय
                    अध्यक्ष, इंक़लाबी छात्र मोर्चा(ICM)

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