गाँधी मेरे दादा के लिए जीवन का मूल थेः काशी के लेनिन

0
368

गाँधी मेरे दादा के लिए जीवन का मूल थे. दादा का मेरे जीवन पर ज्यादा असर रहा. मेरा बचपन अपने दादा और दादी के साथ बिता और मेरा नाम मेरे पिता ने दिया और मेहनत करना माँ से सिखा. दादा ने कहा आपके घर से ज्यादा समाज में समृद्धि के लिए कार्य करना चाहिए. जिसका असर मेरे ऊपर रहा.
आयुर्वेदाचार्य करने के बाद समाज के काम को चुना . युवको और बेरोजगारों के रोजगार के लिए सामाजिक रूप से व्यवसाय भी शुरू किया. किन्तु मैंने अपने एकमात्र पुत्र को पडोसी स्कूल में शिक्षा दिलवाया. विदेश वंचितों के बच्चो को भेजा. कार्यालय और समाज के दिए गए सामाजिक सामुदायिक केंद्र से कमतर दो कमरे का घर रहने के लिए रखा जो 2007 के बाद रंगाई और पुताई से भी बंचित रहा. मेरे साथ व्यवसाय और समाज सेवा में काम कर रहे साथी के पुत्र और पुत्रिया मेरे पुत्र से ज्यादा अभिज्यात स्कूल में शिक्षा लिए या ले रहे है. अनेको गांधीवादी और अम्बेडकरवादी कहने वाले लोगो का घर और पुत्र-पुत्रियों के स्चूलो को देकरअभिज्यातवाद की याद आ जाती है. इनमे से अनेको लोग लोगो को
प्रमाणपत्र भी बाटते देखा है. आपका जीवन क्या है और लोगो को क्या दे रहे है वो आपके सोच की बुनियाद बताता है. गैंग बनाने के प्रतिक नहीं है गाँधी जी.

अहिंसा के पुजारी बापू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बसप्रणाम इतना ही कहना चाहूंगा कि महात्मा गांधी एक सोच हैं, केवल एक व्यक्ति नहीं..और सोच हमेशा नश्वर होती है।
#Gandhi #GandhiForever #MahatmaGandhi #Bapu #महात्मागाँधी #बापू

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here