‘लॉकडाउन से घर वापसी के दौरान सड़क हादसे में मारे गए प्रवासी मजदूरों की याद में श्रद्धांजलि सभा

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आदर्श ग्राम नागेपुर के लोगों ने घर लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए राशन,रोजगार व भत्ते की माँग 

मिर्जामुराद :- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में लोक समिति के तत्वावधान में रोजी रोटी अधिकार अभियान उत्तर- प्रदेश के तहत सोमवार को लाक डाउन के दौरान घर वापसी के समय रास्ते में विभिन्न दुर्घटनाओं में मारे गए प्रवासी मजदूरों की याद में ग्रामीणों ने मुँह पर काली पट्टी बाँधकर राश्ट्रीय शोक दिवस मनाया। नागेपुर गाँव के लोक समिति आश्रम में आयोजित शोक सभा में लोगों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बेहद अव्यवस्था के चलते और सरकार की उपेक्षा के कारण प्रवासी मजदूरों व बच्चों की होने वाली मौत बहुत दुखद है। रोजी रोटी अभियान इसकी घोर निंदा करता हैं | कोविड -19 के चलते अचानक देशव्यापी लाकडाउन किया गया जिससे पुरे देश में अनिश्चितता की स्थिति बन गई | सरकार द्वारा कोइ समुचित दिशा निर्देश न होने के कारण गर्भवती महिलाये, बच्चे, बुजुर्ग, विकलांग व अन्य सभी अपने घरो तक पहुचने के लिए बिना साधन के पैदल ही वापस घरों के लिए निकल पड़े | उनके लिए रस्ते में कोई सुविधा तो थी नही उनके साथ अमानवीय व्यव्हार किया गया वो अलग से | एक सरकारी आंकड़े के अनुसार 30 लाख से ज्यादा मजदूर वापस उत्तर प्रदेश लौट रहे हैं | जिन्हें पुनर्वास की जरूरत है।
लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि सरकार द्वारा की गई अनदेखी के कारण अबतक तक देश भर में 667 मौते हुई हैं जिसमें सड़क दुर्घटना से 205, भूख से 114 मौतें हुई हैं, हम नही भूल पाए हैं कि, उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में सड़क दुर्घटना में 24 मजदूरों की मौत व 35 घायल, मुज्ज़फ्फरनगर में पैदल चल रहे मजदूरों को बस ने कुचल दिया गया ऐसी अनगिनत घटनायें देश भर में हुई हैं और अभी भी हो रही है |दुसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों को समस्या न हो इसलिए उनके साथ सबसे पहले अच्छा व्यवहार किया जाये, उनके लिए कुछ मुलभूत व्यवस्था अवश्य की जाये।
लोगों ने सरकार से माँग किया कि किसी को राशन की कामी न हो- 35 किलो राशन प्रति परिवार, कम से कम 2 किलो दाल, 2 लीटर खाद्य तेल व नमक, चीनी व खाद्य मसाला भी शामिल किया जाये, राशन मिलने के लिए किसी कागज अवश्यकता नही होनी चाहिए । सभी को 3 महीने का राशन नही एक साल का फ्री राशन मिलनी चाहिए। सभी ग्रामीण परिवारों को मनरेगा के तहत उनकी मांगों के अनुसार पुरे सालभर काम मिले, श्रमिक परिवारों के बच्चों व् महिलाओं को निःशुल्क स्वास्थ्य और शिक्षा काम मिलना सुनिश्चित किया जाये। बेरोजगार प्रवासी मजदूरों को एक साल तक बेरोजगारी भत्ता दिया जाय।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से नन्दलाल मास्टर, मुहीम संस्था की निदेशिका स्वाति सिंह,अनीता,सोनी, चन्द्रबली, रामबचन,मधुबाला,वंदना,आशा, पंचमुखी, अरविन्द, शिवकुमार, मनीष,वर्षा,गोलू, दीपक आदि लोग शामिल रहे।

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