आदर्श ग्राम नागेपुर में बिजली के फ्लैट रेट की माँग को लेकर बुनकरों ने किया प्रदर्शन

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 *आदर्श ग्राम नागेपुर के भुखमरी की कगार पर पहुँचे बुनकरों ने पी एम से लगायी सब्सिडी की गुहार*
 *आदर्श ग्राम नागेपुर में बुनकरों ने मुर्री बन्द किया प्रदर्शन, गुरुवार को करेंगे तहसील का घेराव*
 *मिर्जामुराद :-* प्रधानमंत्री आदर्श नागेपुर में  क्षेत्र के सैकड़ों बुनकरों ने फ्लैट रेट पर बिजली की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया. नागेपुर के नंदघर के सामने नागेपुर, बेनीपुर,हरसोस, जलालपुर, जंसा,महमहदपुर,कुण्डरिया,गनेशपुर, कल्लीपुर, मेहदीगंज आदि गाँवों से आये सैकड़ों बुनकरों ने सभा किया। आक्रोशित बुनकरों ने कहा कि अभी तक हमें बिजली की पुरानी व्यवस्था  2006 के बिजली विभाग के अधिनियम के अनुसार बुनकरों को एक पावरलूम पर प्रतिमाह 70-75 रुपये बिजली का बिल चुकाना पड़ता था। लेकिन सरकार ने नये नियम बनाकर इस व्यवस्था को खत्म कर दिया नई व्यवस्था के लागू होने के बाद उन्हें अब महीने के 1500-1600 रुपये बिजली का बिल देना पड़ेगा। जो कि फिलहाल उनके बस की बात नहीं है। बुनकरों ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से पैदा हुए आर्थिक संकट के कारण बुनकर पहले ही भुखमरी और फाकाकशी पर मजबूर हो गए हैं। बुनकरों के सामने पेट पालने के लिए घर के ज़रूरी सामान और पॉवरलूम को कबाड़ के भाव बेचने जैसी नौबत आ गयी है। ऐसे में बढ़ी हुई बिजली की दरें बुनकर समाज की आर्थिक स्थिति और बदहाल कर देगी। महामारी की मार झेल रहे बुनकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सरकार से  गुहार लगायी है। सभा में सभी ने तय किया कि दिसंबर तक बिजली के बिल माफ करने और फ्लैट रेट पर बिजली बहाली की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को राजातालाब तहसील पर प्रदर्शन करके उपजिलाधिकारी के माध्यम से अपनी मांगों को प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जायेगा।.
लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि बनारस के बुनकर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और बनारसी साड़ी के लिए दुनियाभर में मशहूर है। लेकिन बनारस के बुनकर आज अपनी ही विरासत को लेकर संघर्ष करता नज़र आ रहा है। बनारस की संस्कृति, हस्तशिल्प,और बुनकरों की आजीविका को बचाना बेहद जरुरी है।
 सभा में बुनकर साझा मंच के संयोजक सरदार मकबूल हसन ने कहा कि बुनकरों ने फिक्स रेट पर बिजली कि मांग के लिए बुलाई गयी है, बनारस में बुनकरों की आबादी लगभग डेढ़ लाख के करीब है. ऐसे में बुनकरों को फिक्स रेट पर बिजली दी जाय और जिन बुनकरों के खिलाफ भी आर सी जारी हुई है उसे वापस लिया जाए.
मनीष शर्मा ने कहा कि बुनकरों द्वारा तैयार की गई साड़ी को किसानों की फसलों की तरह ही क्रय किया जाए. ऐसा करने से कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा बुनकरों के ऊपर दर्ज हुए मुकदमों को भी वापस लिया जाय.
कार्यक्रम में मुख्यरूप से सरदार मकबूल हसन,मनीष शर्मा,योगिराज पटेल, सैयद हसन अंसारी,इक़बाल कौसर,लियाकत अली,रमेश,जैशलाल, रामबली,सदानंद, मेघनाथ,मुकेश प्रधान,अशोक,विनोद,शिवशंकर पटेल,श्यामसुन्दर,बुद्धू मास्टर, सुनील,राम बचन, आदि लोग रहे। संचालन नन्दलाल मास्टर ने किया।

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