हिन्दूत्वादी संगठनों द्वारा आदिवासियों पर गुंडागर्दी का आरोप, इस गुंडागर्दी के विरुद्ध सीधी कार्रवाई की चेतावनी

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विशद कुमार

जुगसलाई तोरोफ़ पारगाना के दासमत हांसदा ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया है कि आज दिनांक 05 /07/2020 रविवार को स्थान जुगसलाई तोरोफ़ पारगाना आखाड़ा पोंड़ेहासा सुंदरनगर में माझी परगना महाल आदिवासी सामाजिक स्वाशासन व्यवस्था का कोल्हान स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आदिवासियों के ऊपर गोमांस का आरोप लगाकर उनपर हिन्दू संगठनों द्वारा की जा रही गुंडागर्दी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया और कहा गया कि हम आदिवासी आदिकाल से सभी तरह के मांस का सेवन करते रहे हैं, कभी हमारे साथ इसे लेकर किसी ने किसी तरह के प्रतिबंध की बात नहीं की, लेकिन हाल के दिनों में हिन्दूत्वादी संगठन के लोग हमारा विरोध ही नहीं कर रहे हैं बल्कि कानून को अपने हाथ में लेकर आदिवासियों के साथ गुंडागर्दी करते हैं और विधि व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिसका हम विरोध करते हैं।

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अवसर पर बैठक में सर्वसम्मति से 6 सूत्री निर्णय लिया गया।

1. झारखंड प्रांत के पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा बनाई गई झारखंड गोवंश पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 से आदिवासी समुदाय (अनुसूचित जनजातियों) को केंद्रीत कर उनके ऊपर जो बारंबार हमला हो रहा है वह पूर्णरूपेण अवैध और गैरकानूनी है।
2. आदिवासियों के ऊपर जो हमला विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है उसके लिए पूरे संथाल समाज उनके विरुद्ध सभी तरह की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। चाहे कानूनी हो या सीधे कार्रवाई के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
3. धाड़ दिशोम परगना के नेतृत्व में या भी निर्णय लिया गया कि जब तक बाहरी गैर आदिवासी विश्व हिंदू परिषद संस्था के लोक प्रतिबंधित मांस के नाम पर मारपीट करना बंद नहीं करेगा। तब तक पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में हिंदुओं की धार्मिक संस्कृति कार्यक्रम में आदिवासी जैसे सरस्वती पूजा, गणेश पूजा, दुर्गा पूजा में शामिल नहीं होंगे ।
4. पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों के भीतर किसी भी बाहरी गैर आदिवासी को गांव में किसी तरह का व्यापार या कारोबार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (5)(6) के तहत गांव में नहीं करने दिया जाएगा कोई भी आदिवासी किसी गैर आदिवासी के दुकान से भी दैनिक जरूरत के वस्तु खरीद बिक्री नहीं करेंगे।
5. इसके लिए धाड़ दिशोम, सिंग दिशोम, पारगाना के साथ जुगसलाई तोरोफ़, हल्दीपोखर तोरोफ़, दामपड़ा तोरोफ़, असनबनी तोरोफ़ के पारगाना के साथ-साथ दुमका जिला और गिरिडीह जिला से सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित हुए थे इसके साथ जुगसलाई तोरोफ़ क्षेत्र के कई माझी बाबा भी उपस्थित हुए।
6. इस बैठक में भारत में चल रहे लोग डाउन का सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखते हुए केवल समाज के प्रमुख लोगों को ही बुलाया गया था। इस बैठक में जुगसलाई तोरोप  परगना ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में अवैध रूप से जो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल आदिवासियों के साथ गुंडागर्दी करते हुए कानून को हाथ में ले रहे हैं ऐसे आसामाजिक तत्व या संगठन के लोगों के विरुद्ध प्रशासन या सरकार अभिलंब कार्रवाई करें। अन्यथा आदिवासी समाज उनके विरुद्ध सीधी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगा, जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन पर होगी।

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