अतिथि शिक्षकों का कोई पुरसाहाल नहीं, पढ़िए इनकी व्यथा-कथा

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आरती रानी की रिपोर्ट

दिल्ली विश्वविद्यालय में एक बार फिर अतिथि शिक्षक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2020 में अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले वेतनमान के मुद्दे पर कई आंदोलन किए गए, इसके बावजूद आज तक लगभग सवा साल बाद होने के बाद भी अतिथि शिक्षक खाली हाथ हैं।
14 दिसंबर 2020 को दिल्ली विश्वविद्यालय में किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद अतिथि शिक्षक संघ ने sol अध्यक्ष से बात की। संघ ने अतिथि शिक्षकों को सितंबर दिसंबर 2019 से वेतन वेतनमान न मिलने की शिकायत को अधिकारी के सामने रखा। कोरोना का हवाला देते हुए अध्यक्ष US पांडे ने कहा कि वेतनमान के मुद्दे पर संस्थान लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 70% अतिथि शिक्षकों का वेतनमान जारी कर दिया गया (जबकि कई कॉलेजों में आज भी पैसा आना बाकी है) बाकी का भी जल्द हो जाएगा। अध्यक्ष कहते हैं कि हमारे पास कॉलेज सेल फाइल देर से आती है लेकिन यह देरी का कारण अतिथि शिक्षकों की परेशानी बन जाता है इस पर अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं। अन्य लोगों का पैसा कब तक आएगा इस पर भी उन्हें कोई ज्ञान नहीं था ।
कोरोना के कारण SOL ने अपने छात्रों के असाइनमेंट को शिक्षकों से उत्तर पुस्तिका के तौर पर जांच करवाया उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए विश्वविद्यालय के नियम अनुसार ₹25 प्रति कॉपी का आदेश है जिसे ₹10 प्रति किया गया और उस पैसे को भी आज तक अतिथि शिक्षकों को नहीं दिया गया है।
संस्थान के कुछ शिक्षकों को सितंबर-दिसंबर 2019 का ही वेतनमान नहीं मिला है जबकि कुछ शिक्षकों को जनवरी-मई 2020 का पैसा भी दे दिया गया है, यानी वेतनमान के मुद्दे पर संस्थान का कोई नियम-कानून नहीं है। कॉलेज में लापरवाह अधिकारी (जो अध्यक्ष के अनुसार समय पर फाइल नहीं भेजते) व वेतनमान पर आधारित नियम की कमी ने अतिथि शिक्षकों का लगातार मानसिक व आर्थिक शोषण किया है।
यूजीसी के नियम अनुसार प्रत्येक अतिथि शिक्षक को 1500रुपए प्रति कक्षा दिए जाने थे लेकिन ncweb ₹1000 की दर से भुगतान करता है क्या ncweb यूजीसी के नियमों की अवहेलना कर सकता है? यदि यूजीसी के नियम कानून नहीं तो किसके नियमों से यह संस्थान कार्य कर रहा है? Ncweb में बिना किसी सूचना के अतिथि शिक्षकों का वेतनमान ₹500 प्रति कक्षा सत्र सितम्बर-दिसंबर 2019 का काटा था तथा एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में 1500 रुपए प्रति कक्षा की मांग के बाद भी संस्थान ने बकाया शिक्षकों को नहीं दिया है। साथ ही इस संस्थान में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों को जनवरी-मई 2020 से वेतनमान का भुगतान नहीं किया गया है।
Sol और ncweb ने अपने अतिथि शिक्षकों को एक लंबे समय से मानसिक, आर्थिक तनाव की स्थिति में रखा है। लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद भी प्रशासन चैन की नींद सोया हुआ है । आगामी 23 जनवरी अतिथि शिक्षक संघ फिर से एक ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें –
1.sol अतिथि शिक्षकों का वेतनमान जो सितंबर-दिसंबर 2019 से बकाया है दिया जाए।
2. Ncweb गेस्ट टीचर का वेतनमान जो सितंबर-दिसंबर 2019 का ₹500 प्रति कक्षा के हिसाब से काटा गया उसे जल्दी दिया जाए।
3.ncweb द्वारा जनवरी-मई 2020 का वेतनमान जल्द दिया जाए।
4. Sol की असाइनमेंट कॉपी जो 25 के जगह ₹10 के हिसाब से जांच करवाई गई का 25 के ही हिसाब से और जल्द ही भुगतान किया जाए।
5.ncweb और sol में वेतनमान का भुगतान शिक्षण माह के अंत में किया जाए .।
जैसी मांगे शामिल हैं । इन मांगों के साथ अतिथि शिक्षक संघ एक ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन 23 जनवरी 2021 को सुबह 9:00 से 7:00 तक सोशल मीडिया पर करेगा। यदि यह मांग नहीं मानी जाती तो एक रिले हंगर स्ट्राइक 27 जनवरी दोपहर 2:00 बजे से मांगे मानी जाने तक दिल्ली विश्वविद्यालय गेट नंबर 4 पर की जाएगी।

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