पंडित विनय कुमार की कविताः सरलता 

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सरलता अच्छी लगती है किसी की भी

छल कपट से दूर होता है हर एक मन
 तक जीवन का सौंदर्य दिखलाई पड़ता है
 हर कोई अच्छा लगता है
 सरलता व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान है
 सरलता, निष्कपटता, निश्चलता और शालीनता–
 यही तो जीवन का  सौदर्य है ।
 सुख चाहता तो है हर कोई
 जीवन के कई दोष हैं और कई गुण
 सबों में श्रेष्ठ है सरलता
 सरलता– जीवन का सौंदर्य है
सरलता– जीवन का विराट का पक्ष है
हमारे भीतर और बाहर क्या है ?
 इसका मूल्यांकन करता है हमारे भीतर की सरलता । हम अकेले नहीं हैं
 हमारे साथ है हजारों सदियां
और इसका बृहत् इतिहास
 सरलता– सत्य है जीवन का
सत्य है जीवन का पूर्ण विराम ।
 जीवन में जरूरी है प्रेम
 प्रेम में जरूरी है निष्कपटता का
और निश्छलता  का ।
 हमारे भीतर  क्या हैं ?
 यह बतलाता है प्रेम ।
 सरलता– जो हमें एक दूसरे से जोड़ता है
 सरलता– जो हमें एक सुंदर आचरण करना सिखाता  है
जो हमें भीतर से शक्ति देता है।
 “सरलता”– इसी का तो नाम है।
हम सरल नहीं रहेंगे तो नहीं बचेगी यह दुनिया
 सरलता  है जीवन की अपार शक्ति
संसार की शक्ति
 व्यक्ति मात्र की शक्ति
 धर्म और परंपरा की शक्ति
 संस्कृति और विचारधारा की शक्ति
और इसी सरलता में समाहित है सारा विश्व
 और सारा जगत् …
हमारी शिक्षा और हमारा जीवनगत कार्य- व्यापार
सरलता से ही संचालित हो सकता है
 सरलता में ही सफलता है
 सरलता  ही धर्म और दर्शन है…
पंडित विनय कुमार (हिन्दी शिक्षक )
राजकीय कृत महेश हाईस्कूल अनिसाबाद पटना 
मोबाइल-9334504100
             7991156839

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