किसानों की हत्या का मुद्दाः ऐपवा समेत संयुक्त वामदलों का प्रदर्शन

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लखीमपुर में किसान नरसंहार की अमानवीय घटना के खिलाफ संयुक्त वामपन्थी दल और ऐपवा ने किया संयुक्त विरोध प्रदर्शन
कार्य्रकम न हो इसके लिए सीपीआई का. जयशंकर और का नन्दाशास्त्री और सीपीआई (एमल )के का अमरनाथ राजभर को सुबह से ही डिटेन कर सिंधौरा थाने में गिरफ्तार कर लिया। इसके बावजूद भी सँयुक्त वाम और ऐपवा की महिलाओं ने सिंधौरा बाजार में प्रतिरोध मार्च निकाला औऱ सिंधौरा थाने के सामने सभा की।


सभा को सम्बोधत करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब तक लखीमपुर किसान नरसंहार के हत्यारे आशीष मिश्रा को कड़ी सजा की गारंटी नही होती और केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की मंत्री पद से बर्खास्त नही किया जाता तब तक उत्तर प्रदेश की न्यायपसन्द जनता किसानों के हक़ में आंदोलन करती रहेगी।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन सिर्फ किसानों का नही वल्कि अब जनता का आंदोलन बन गया है और जब तक यह तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस नही लेती तब तक किसानों औऱ मजदूरों की एकता के पक्ष में लोकतंत्र पसन्द जनता सड़को पर उतरती रहेगी।
सभा का संचालन ऐपवा की राज्य सचिव कुसुम वर्मा ने किया। सभा को इनौस के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश यादव, कृपा वर्मा, प्रो निहार भट्टाचार्य, डॉ नूरफतिमा, विभा वाही, कमरेड साकेत , रूखसाना, का.अशोक आदि साथियो ने सम्बोधित किया। शहीद किसानों के लिए दो मिनिट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

किसान नेताओ को किया गिरफ्तार लेकिन संयुक्त वामपन्थी दलो और ऐपवा ने सिंधौरा बाजार में मार्च निकाला और थाने के सामने साथियो की रिहाई के लिए सभा की औऱ शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी गई।
सीपीआई से का.जयशंकर जी, सीपी आई( एम) से का. नन्दा शास्त्री और सीपीआई( एम एल) से का अमरनाथ राजभर को गिरफ्तार किया गया। ऐपवा ने पुलिस द्वारा की गई इस असंवैधानिक गिरफ्तारी की तीखी निदा की है। साथ ही हाल में 4 अक्टूबर को बीएचयू के सिंहद्वार पर लखीमपुर घटना के विरोध में लोकतांत्रिक ढंग से शांतिपूर्ण कार्यक्रम कर रहे बीएचयू के छात्र छात्राओं पर फर्जी धाराओं लगाने की भी ऐपवा ने कड़ी निंदा की और धाराओं को शीघ्र वापस लेने की मांग की।

किसान मजदूर एकता जिन्दाबाद
महिला मुक्ति का परचम जिन्दाबाद

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