निजीकरण और कमरतोड़ महँगाई के खिलाफ़ रोष प्रदर्शन

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लुधियाना : आज मज़दूरों और नौजवानों के विभिन्न संगठनों ने लुधियाना के समराला चौक पर केंद्र की मोदी सरकार व विभिन्न राज्य सरकारों की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ़ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इलाके में पैदल मार्च भी किया गया। आज देश भर में मज़दूर-मुलाजिम संगठनों ने ‘निजीकरण विरोधी दिवस’ मनाते हुए हुक्मरानों की पूँजीपति पक्षधर और मज़ूदरों, मेहनतकशों के खिलाफ़ निजीकरण की नीति रद्द करने की जोरदार माँग उठाई । बैंक कर्मचारी सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ़ आज से दो दिन की देश व्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। किसान संगठनों ने भी इन मुद्दों पर आज देश भर में रोष प्रदर्शन करके आवाज़ बुलंद की है।

सरकार पूँजीपतियों के सामने मुनाफों के अंबार लगाने के लिए अर्थव्यवस्था के सरकारी क्षेत्र का खात्मा कर रही है। भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, बिजली, स्टील आदि सभी क्षेत्रों के सरकारी उपक्रमों-संस्थानों को कौड़ियों के दाम पूँजीपतियों को सौंपा जा रहा है।

रोष प्रदर्शन को टेक्सटाइल हौजरी कामगार यूनियन, पंजाब के अध्यक्ष राजविंदर, इंकलाबी मज़दूर केंद्र के सुरेश, लोक एकता संगठन के गल्लर चौहान, जमहूरी अधिकार सभा से प्रो. जगमोहन सिंह, मोल्डर एंड स्टील वर्कर्ज यूनियन के विजय नारायण, कारखाना मज़दूर यूनियन की विमला, नौजवान भारत सभा के नवजोत आदि ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार पूँजीपतियों के सामने मुनाफों के अंबार लगाने के लिए अर्थव्यवस्था के सरकारी क्षेत्र का खात्मा कर रही है। भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, बिजली, स्टील आदि सभी क्षेत्रों के सरकारी उपक्रमों-संस्थानों को कौड़ियों के दाम पूँजीपतियों को सौंपा जा रहा है। जनता से मुफ्त व सस्ती सरकारी सहूलतें छीनकर सरकारी खजाने पूँजीपतियों पर लुटाया जा रहा है। इन निजीकरण की नीतियों के चलते आज गैस, पेट्रोल, डीजल व अन्य जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, महँगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है। पहले ही भयानक कंगाली-बदहाली का शिकार मेहनतकश जनता की हालत निजीकरण की नीति ने कहीं अधिक भयानक दी है। विभिन्न पार्टियों की राज्य सरकारें भी निजीकरण की नीति को जोर-शोर से लागू कर रही हैं। वक्ताओं ने जनता को पूँजीवादी हुक्मरानों की निजीकरण और अन्य जनविरोधी नीतियों और कमर तोड़ महँगाई के खिलाफ़ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है।

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