भारी महँगाई के मसले पर विचार-गोष्ठी

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लुधियाणा। कमरतोड़ महँगाई ने जनता की जिंदगी बेहद मुश्किल बना दी है। पूँजीपतियों की मुनाफे की भूख और सरकारों की पूँजीपति वर्ग की पक्षधर नीतियाँ इस महँगाई के लिए जिम्मेवार हैं। यह विचार आज जमालपुर कालोनी में कारखाना मज़दूर यूनियन द्वारा करवाई गई विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता राजविंदर सिंह द्वारा व्यक्त किए गए। उन्होंने कहा कि भारत के पूँजीवादी हुक्मरान माँग और पूर्ति के फासले, विश्व स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों, अधिक आबादी जैसे बहानों तले भारी महँगाई के असल कारणों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

अगर पूँजीपति वर्ग को सरकारी खजाने में से बेहिसाब फायदे पहुँचाया जाना बंद हो, उन पर भारी टैक्स लगाए जाएँ, मेहनतकश जनता पर लगाए जा रहे सभी टैक्स रद्द हों, सरकार द्वारा जनता की सभी बुनियादी जरूरतें पूरी की जाएँ तो लोगों को महँगाई की मार से बचाया जा सकता है। लेकिन चाहे मोदी सरकार हो चाहे पंजाब या अन्य राज्यों की सरकारें हो, सभी पूँजीपति वर्ग की सेवा में इससे उल्ट जनविरोधी नीति पर चल रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जनता को महँगाई की मार से बचने के लिए जोरदार संघर्ष के मैदान में उतरना होगा। लोगों को एकजुट होकर माँग करनी होगी कि सभी ग़रीबों को खाने-पीने की चीज़ें सस्ती मुहैया करवाई जाएं। सभी ग़रीबों के राशन कार्ड बनाए जाएँ। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की क़ीमतें तुरंत कम की जाएँ। रेल, बस किराये, बिजली बिल दरें कम की जाएँ। सारी मेहनतकश जनता को सरकारी तौर पर मुफ़्त और पुख्ता स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुवाधाएँ दी जाएँ। मज़दूरों के वेतन, दिहाड़ी, पीस रेट बढ़ाए जाएँ। सभी बेरोज़गारों को रोज़गार मिले। रोज़गार न मिलने पर बेरोज़गारी भत्ता मिले।
कारखाना मज़दूर यूनियन, टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन और नौजवान भारत सभा द्वारा 4 अगस्त को डीसी कार्यालय, लुधियाणा पर सुबह 9 से महँगाई के विरुद्ध उपरोक्त माँगों के लिए रोष प्रदर्शन किया जाएगा। कारखाना मज़दूर यूनियन के नेता लखविंदर ने लोगों को अधिक से अधिक संख्या में रोष प्रदर्शन में पहुँचने की अपील की है। गोष्ठी का मंच संचालन कॉ. विमला ने किया।

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