दुमका में संथाल आदिवासी का सोहराय पर्व का शुभारंभ

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  • विशद कुमार
दुमका के गांधी मैंदान में  ग्राम प्रधान /मांझी संगठन संथाल परगना दुमका की ओर से आयोजित संथाल परगना प्रमण्डल स्तरीय ‘आतांग् दाराम् सोहराय’ का शुभारंभ गोट टण्डी में संताल समाज के परम्परागत रीति रिवाज व विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर सम्माननीय नायकी बाबा मान्यवर सोनालाल हेम्ब्रम ने किया।
नायकी बाबा को गोट टण्डी तक संताल समाज के महिलाओं द्वारा परम्परागत नृत्य करते हुए आतांग् दाराम् विधि विधान के तहत लाया गया। नायकी बाबा ने गोट टण्डी में खोण्ड स्थापित देवताओं को आवाह्न कर पूजा अर्चना विधि विधान पूर्वक किया। बता दें सोहराय चार दिन तक मनाया जाता है। प्रथम दिन गोट टण्डी में पूजा होती है। दूसरे दिन को गैय जगाय खुण्टी बिद, तीसरे दिन जाली और चौथा दिन को हाकू काटकम आदि होता है।
सोहराय भाई बहन का अटूट प्रेम का त्यौहार है। संताल समाज का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व जैसे हाथी के समानान्तर विशालकाय पर्व की संज्ञा यानी (हाथी लेकान परब) माना जाता है। संताल समाज विशेष कर संताल परगना प्रमण्डल में जनवरी महिना के 9 से 13 तिथि तक प्रत्येक गावों में मनाया जाता है।
आतांग दाराम् सोहराय ग्राम प्रधान /मांझी संगठन, सं. प. दुमका के प्रमंडलीय अध्यक्ष श्री भीम प्रसाद मंडल, सचिव भीम सोरेन, प्रमंडलीय संयोजक इंगलिस लाल मरांडी, प्रमंडलीय सह संयोजक रुसोराम बास्की, देवी हाँसदा, मीरु हाँसदा, सुशील मरांडी आदि के अलावे हजारों की संख्या में ग्राम प्रधान और लेखा होड़ यानी मांझी, जोगमांझी, नायकी, कुडामनायकी, पराणिक तथा गुडित शामिल हुए।

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