विस्थापितों की भू अर्जन, मुआवजा, पुनर्वास कानून 2013 के तहत सरप्लस जमीन को वापस करने की मांग

142
812
  • विशद कुमार
विस्थापित साझा मंच की एक बैठक सेक्टर आठ विस्थापित चौक पर सिराजुद्दीन अंसारी की अध्यक्षता में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए की गई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मंच आंदोलन में भरोसा रखता है। बोकारो इस्पात संयंत्र हो या वेदांता स्टील, सीसीएल हो या बीसीसीएल, तेनुघाट डैम हो या डीवीसी, तमाम जगहों पर चतुर्थ श्रेणी के कार्यों को करने का अधिकार केवल और केवल वहां के विस्थापितों का संविधान प्रदत्त अधिकार है। वक्ताओं ने आगे कहा कि हमारे पूर्वजों ने लड़कर तमाम अधिकारों को हासिल किया था। आज आंखों के सामने धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। हम बोकारो इस्पात संयंत्र के प्रबंधन से यह मांग करते हैं कि –
  • प्रबंधन एक श्वेत पत्र जारी कर बतावे कि आज की तिथि में स्थायी प्रकृति के चतुर्थ श्रेणी के कार्यों में कितने विस्थापित कार्यरत हैं?
  • संयंत्र के अंदर चल रहे विभिन्न परियोजनाओं के कार्यों में कितने विस्थापित कार्यरत हैं?
  • संयंत्र के तमाम विभागों में सीधे उत्पादन और उत्पादकता से जुड़े ठेका मजदूरों में कितने विस्थापित कार्यरत हैं?
  • उपरोक्त तमाम कार्यों में वर्तमान में विस्थापितों की प्रतिशत क्या है?
  • क्या उपरोक्त कार्यों में लगे विस्थापितों का वर्तमान प्रतिशत, झारखंड सरकार की नीति 2021, जिसमें यह उल्लेख है कि चतुर्थ श्रेणी में कम से कम 90% पदों पर केवल और केवल झारखंड के स्थानीय होंगे का पालन किया जा रहा है?
  • अप्रेंटिस पास कर चुके सैकड़ों विस्थापित नौजवानों में कितने को संयंत्र में रोजगार मुहैया करायी गई है?
  • बोकारो इस्पात संयंत्र के पास एकड़ों में फैली विशाल मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम चालू अवस्था में रहने के बावजूद पीपीपी मोड पर बोकारो में ही और एक स्टेडियम के लिए सर्वे करना, बोकारो इस्पात संयंत्र के कारण विस्थापित आदिवासी मूलवासी दोहरा विस्थापन का दंश झेलने को अभिशप्त होंगे या नहीं?
  • क्या दस मिलियन टन के लिए हजारों एकड़ जमीन लेकर मात्र 4.6 मिलियन टन में समेट कर विस्थापितों के साथ विश्वासघात किया गया या नहीं?
  • क्या आज की वर्तमान केन्द्र सरकार की गिद्ध नजर सरप्लस जमीन पर नहीं पड़ी है, जिसे वह कारपोरेट घरानों को बेचने का ऐलान कर चुकी है?
  • क्या विकास के नाम पर हजारों एकड़ अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण यहां के आदिवासियों मूलवासियों से लेकर सीएनटी एक्ट की धज्जियां नहीं उड़ायी गई?
  • क्या बोकारो स्टील प्लांट का नगर प्रशासन विभाग व जिला प्रशासन की मिलिभगत से अतिक्रमणकारियों का दो-दो, तीन- तीन मंजिला मकान शहर में दिन दूनी रात चौगुनी की रफ्तार से नहीं बन रही है?

उपरोक्त सवालों का जवाब के साथ विस्थापित साझा मंच बोकारो प्रबंधन व जिला प्रशासन, राज्य सरकार से यह मांग करती है कि विस्थापितों के मूल रैयतों के वंशज को भू अर्जन , मुआवजा, पुनर्वासन कानून 2013 के तहत सरप्लस जमीन को वापस किया जाय। उपरोक्त सवालों को लेकर विस्थापित साझा मंच चरणबद्ध आंदोलन की पहली कड़ी में उत्तरी क्षेत्र के गांवों में “बोकारो बचाओ विस्थापित बचाओ भारत बचाओ” अभियान के तहत तीन दिवसीय पदयात्रा करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here