कोरोना के भीषण प्रकोप के बावजूद हो रही है लापरवाही

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दिनांक 15 अप्रैल के समाचार पत्रों में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  के चित्रो के साथ “मेरी सुरक्षा, मेरा मास्क“ शीर्षक से एक विज्ञापन छपा है। विज्ञापन के अंत में 24×7 कोरोना हेल्पलाइन नं 104 व 1075 दिये गये हैं। स्पष्ट है 7 दिन 24 घंटे इन नंबरो से सहायता मांगी जा सकती है।

104 पर कॉल करने पर यह सुनने को मिलता है कि यह सुविधा प्रातः 8.00 से सायं 8.00 तक उपलब्ध है। इसी तरह 1075 पर संपर्क करने पर लगातार एक धुन सुनाई देती है। यह लापरवाही क्यों? क्या इसके गंभीर परिणाम नहीं हो सकते। हेल्प की जरूरत सिर्फ दिन में ही पड़ती है ? अगर रात में हेल्प की जरूरत पड़े तो क्या किया जाना चाहिए?

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