पुआरीकलां का ग्राम प्रधान कर रहा है दबंगई, मज़दूरों को पैसा देने से किया इन्कार

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उत्तर प्रदेश निर्माण और असंगठित मज़दूर यूनियन से संबद्ध प्रदीप राजभर, रामबली यादव, सुक्खू यादव, मोनू राजभर, अजय बिंद व तीन अन्य लोगों ने पुआरीकलाँ, धनरा पर ग्राम प्रधान नीलम पटेल (पत्नी रिंकू पटेल) के ठेकेदार जितेंद्र प्रधान के कहने पर मिट्टी खोदने, खलंजा लगाने का काम किया। इन लोगों ने नौ दिन काम किया है। ठेकेदार पूरी मज़दूरी नहीं दे रहा है। मज़दूर परेशान हैं। 200 रुपये के हिसाब से मज़दूरी देना चाह रहा है जबकि दिहाड़ी 400 रुपये तय हुई थी।
ग्राम प्रधान और ठेकेदार की मिलीभगत से परेशान मज़दूरों के एक शिष्टमंडल ने हमारा मोर्चा ऑफिस में विजिट की और अपनी परेशानियों से अवगत कराया। इन लोगों की मज़दूरी अगर नहीं दी जाती है तो लेबर कमिश्नर के यहाँ मामले को ले जाया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार काम करवाने के लिए ग्राम-प्रधान फोन नंबर 94534 25349 को फंड रिलीज करती है लेकिन रिंकू प्रधान का कहना है कि उन्होंने सरकारी काम का ठेका दे दिया। अब यह काम ठेकेदार का है कि वह कितने पैसों पर मज़दूरों से काम करवाता है। उनका इससे कोई मतलब नहीं है। ग्राम प्रधान रिंकू का कहना है कि उन्होंने काम ठेकेदार के जरिए करवाया है, ठेकेदार जो भी मजदूरी देना चाहे उसकी मर्जी। यहाँ जानने वाली बात यह है कि क्या सरकार प्रधानों को जो पैसा रिलीज करती है वह खुद से काम करवाकर देने के लिए जारी करती है या प्रधानों को यह हक है कि वे काम को ठेके पर दे दें और ठेकेदार मज़दूरों से बहुत कम पैसों में काम करवाए। हमारा मोर्चा से बहुत ही दबंग अंदाज में रिंकू ने बात की, माने यह कि वह मज़दूरी हजम कर जाने पर अडिग है। खबर में उसका फोन नंबर दिया गया, लेबर कमिश्नर ध्यान दें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अलग अलग विभागों से कराए जाने वाले कार्यों की अलग अलग व्यवस्था है। मनरेगा में ठीकेदारी नही कराई जा सकती। अगर कार्य प्रतिदिन के हिसाब से कराया गया है तो जो रेट तय हुआ है उस पर भुगतान होना चाहिए अगर वर्ग फ़ीट के हिसाब से ठीका दे दिया गया तो जितना काम हुआ है उस हिसाब से भुगतान होना चाहिए। तय की हुई बात से कम मजदूरी दिए जाने की स्थिति में शिकायत सम्बंधित थाने में अथवा श्रम विभाग नाटी इमली में की जा सकती है।

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