बीजेपी हराओ-लोकतंत्र बचाओ … यही आज का एकमात्र नारा है

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प्रेस वक्तव्य

‘भाजपा को परास्त करो, किसान आन्दोलन को मजबूत करो नारे के आधार पर उ0प्र0/उत्तराखण्ड के कान्तिकारी वाम एवं संघर्षशील ताकतों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक   17 अगस्त 2021 को सम्पन्न हुई। बैठक में सघन चर्चा उपरांत प्रतिभागियों ने राज्य में आसन्न विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ‘भाजपा’ को परास्त करने व किसान आन्दोलन को मजबूत करने के लिए एक अभियान के संचालन के लिए सर्वसम्मति से “फासीवादी भाजपा को परास्त करो, लोकतंत्र बचाओ मंच “का गठन किया गया।

मंच में आल इण्डिया वर्कर्स कौंसिल के अध्यक्ष ओ०पी० सिन्हा , किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष शिवाजी राय, भा०क०पा (मा०ले०) रेड स्टार के उ०प्र० राज्य कमेटी के सचिव का० बाबूराम शर्मा ,कॉमरेड तुहिन ,  का० विमल त्रिवेदी , पंचायत प्रतिनिधि महासंघ उ०प्र० के साथी चतुरानन ओझा, कलेक्टिव के साथी, भा०क०पा० (मा०ले०) लिबरेशन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य का० पुरुषोत्तम शर्मा, पी०आर०सी० भा०क०पा (मा०ले०)  के सिद्धान्त , इन्कलाबी मजदूर केन्द्र से का० रोहित, एस०यू०सी०आई० की ओर से का मिथिलेश ,कम्युनिस्ट सेन्टर ऑफ इण्डिया से कॉ० संतोष, बहुजन समाजवादी मंच के कॉमरेड संजीव माथुर, पी०यू०सी०एल० के राज्य सचिव साथी फतेह बहादुर सिंह, का० बी एस कटियार  जान संस्कृति   मंच शामिल हैं।

मंच ने विधानसभा चुनाव में आर०एस०एस० के मार्गदर्शन में संचालित कारपोरेट ताकतों की  दलाल घोर जनविरोधी फासीवाद भाजपा को परास्त करना वक्त की जरूरत बताया है। इसी प्रकार का अभियान “फासीवादी आर०एस०एस०-भाजपा के खिलाफ बंगाल” नाम से वहाँ के विधानसभा के चुनाव के दरमियान प्रगतिशील ताकतों ने छेड़ा था और भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए यह  कारगर सिद्ध हुआ था। इसके अलावा भारत की जनता के दुश्मन नम्बर एक मनुवादी हिन्दूत्व का परचम लहराने वाली भाजपा ही देश में कृषि का कारपोरेटीकरण, शिक्षा का व्यवसायीकरण व भगवाकरण व श्रमिक विरोधी, श्रम सहिताओं को जबरन लागू कर रही है। इसलिए देश की राजधानी की सीमा पर चल रहे ऐतिहासिक किसान आन्दोलन को मजबूत करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) एवं कृषि उपज मण्डियों (APMC) को मजबूत करना तथा तीनों कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ चल रहे कारपोरेट राज विरोधी, फासीवाद विरोधी आन्दोलन को उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड में मजबूत करना भी इस मंच का उद्देश्य होगा।

इस मंच  का मानना है कि कृषि की बर्बादी और आत्महत्या से उत्तर प्रदेश- उत्तराखंड के किसानों को बचाने के लिए किसानों के राज्यस्तरीय आंदोलन को कृषि क्षेत्र से कॉरपोरेट घरानों को निकाल बाहर करना,केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा खरीदी की जिम्मेदारी लेने, बढ़ती मंहगाई को देखते हुए कृषि उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करने की मांग,MSP को तय करने व APMC को मजबूत करने की मांग के साथ उठाना होगा।इसी लिए उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड सहित पूरे देश में संघी कॉरपोरेट फासीवादी बीजेपी के राज में जनता की चौतरफा बदहाली व तबाही को देखते हुए यह मंच “बीजेपी को हराओ-लोकतंत्र बचाओ,किसान आंदोलन को राज्य में मजबूत करो”नारे के आधार पर इस अभियान से जुड़ने के लिए तमाम क्रांतिकारी वाम ताक़तें, संघर्ष रत संगठन, मेहनतकश वर्ग,किसान वर्ग,महिलाओं, युवा,विद्यार्थियों समेत तमाम दलित उत्पीड़ित वर्गों व समुदाय से अपील करती है।

“बीजेपी हराओ-लोकतंत्र बचाओ मंच की ओर से”

(लखनऊ,18 अगस्त 2021)

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