संस्मरण

ये दावे कहीं हवा-हवाई लगते हैं तो कहीं सच्चाई के करीब

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का निधन एक विमान हादसे में 18 अगस्त 1945 को हो गया. लेकिन जब ये खबर जापान से जारी हुई...

मप्र के वह बाबा ज्योर्तिमय, जिनको सुभाष समझा गया

18 अगस्त 1945 को तायहोकु में विमान हादसे में निधन की खबर के बाद सुभाष चंद्र बोस एक बड़ी पहेली बन गए. आज भी...

शैक्षिक जागरुकता के लिए जरूरी है समावेशी शिक्षा

* विशद कुमार डा. मदनमोहन झा केवल एक  कुशल आईएएस अधिकारी ही नहीं थे बल्कि एक नेक इंसान, बुद्धिमान, महान शिक्षाविद, सरल एवं कुशल प्रशासक...

जेल में योग दिवस

रूपेश कुमार सिंह  स्वतंत्र पत्रकार  आज योग दिवस के मौके पर सोशल साइट्स पर योग क्रियाओं में लिप्त तस्वीरों को देखकर व जेल में योग दिवस...

Latest news

हमेशा आम जनता ही भुगतती है युद्ध का खामियाजा

युद्ध का खामियाजा हमेशा आम आदमी ही भुगतता है इंदौर। इतिहास गवाह है कि युद्ध, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, देशों के आर्थिक...

बड़े जोतदार जनता के मित्र नहीं हैं तो भूमि-प्रश्न अनसुलझा कैसे रह सकता है?

संपादकीय टिप्पणीः घुटे हुए और घाघ कॉमरेड्स मुझे करेक्ट करेंगे इस उम्मीद के साथ सकारात्मक ढंग से अपनी बातों को...

श्रमिकों बाजार का माल तुम्हारा है, दैत्याकार कारखाने तुम्हारे हैं

#काले धन की नयी खेप! धन कभी सफेद नहीं होता है धन श्रम शक्ति के लाल रक्त और रंगहीन पसीने से पैदा...

Must read

हमेशा आम जनता ही भुगतती है युद्ध का खामियाजा

युद्ध का खामियाजा हमेशा आम आदमी ही भुगतता है इंदौर।...

बड़े जोतदार जनता के मित्र नहीं हैं तो भूमि-प्रश्न अनसुलझा कैसे रह सकता है?

संपादकीय टिप्पणीः घुटे हुए और घाघ कॉमरेड्स मुझे करेक्ट करेंगे...