व्यंग्य

चौथी कसम उर्फ दिल्ली पहुंचकर मारे गये गुलफाम

तीसरी कसम फिल्म का हीरामन अपनी बैल गाड़ी हांकता हुआ किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गया। उसके दिल्ली पहुंचते ही...

अर्नब कॉलिंग अर्नब!

-इज़ दिस अर्नब?  -या। हू इज़ कॉलिंग? -अर्नब! -टेल मी अर्नब। -ये लीक्ड व्हाट्सएप चैट का क्या मसला है? -नो कमेंट्स। -कम ऑन। मैं अर्नब बोल रहा हूं। ईदर यू...

दीदी के अंगने में भाजपा का क्या काम है

नवेन्दु उन्मेषकोलकाता की सड़कों पर भाजपा के लोग अकसर एक फिल्मी गीत गाते हुए मिलते हैं-एक बंगला बने न्यारा, रहे कुनबा जिसमें सारा,...

बिहारी एक्जिट पोल पर भारी

नवेन्दु उन्मेष जब ईवीएम से नतीजों का जिन निकला तो एक्जिट पोल करने वाले अपना बिस्तर लेकर भागते हुए नजर आये। भागते हुए ऐसे...

Latest news

हमेशा आम जनता ही भुगतती है युद्ध का खामियाजा

युद्ध का खामियाजा हमेशा आम आदमी ही भुगतता है इंदौर। इतिहास गवाह है कि युद्ध, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, देशों के आर्थिक...

बड़े जोतदार जनता के मित्र नहीं हैं तो भूमि-प्रश्न अनसुलझा कैसे रह सकता है?

संपादकीय टिप्पणीः घुटे हुए और घाघ कॉमरेड्स मुझे करेक्ट करेंगे इस उम्मीद के साथ सकारात्मक ढंग से अपनी बातों को...

श्रमिकों बाजार का माल तुम्हारा है, दैत्याकार कारखाने तुम्हारे हैं

#काले धन की नयी खेप! धन कभी सफेद नहीं होता है धन श्रम शक्ति के लाल रक्त और रंगहीन पसीने से पैदा...

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