नारी जगत

बलात्कार और बलात्कार की संस्कृति की समस्या

- राधिका और अंशुल (दोनों परा-स्नातक की छात्राएं हैं जो वर्तमान में बनारस ...

संवेदनाओं की कवयित्री डॉ. सीमा विजयवर्गीय

डॉ. कृष्णकुमार ‘नाज़’ कविता के क्षेत्र में महिला रचनाकारों पर आमतौर पर एक आरोप लगता...

ब्राह्मणवाद, मनुवाद, पितृसत्ता और पुरुषसत्ता के खिलाफ जारी रहेगा ऐपवा का संघर्ष

16 अप्रैल को शाम 4 बजे Zoom App के जरिये AIPWA ने "आंबेडकर की विरासत, महिला आंदोलन और चुनौतियां" विषय पर सफल डिजिटल संगोष्ठी...

Latest news

हमेशा आम जनता ही भुगतती है युद्ध का खामियाजा

युद्ध का खामियाजा हमेशा आम आदमी ही भुगतता है इंदौर। इतिहास गवाह है कि युद्ध, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, देशों के आर्थिक...

बड़े जोतदार जनता के मित्र नहीं हैं तो भूमि-प्रश्न अनसुलझा कैसे रह सकता है?

संपादकीय टिप्पणीः घुटे हुए और घाघ कॉमरेड्स मुझे करेक्ट करेंगे इस उम्मीद के साथ सकारात्मक ढंग से अपनी बातों को...

श्रमिकों बाजार का माल तुम्हारा है, दैत्याकार कारखाने तुम्हारे हैं

#काले धन की नयी खेप! धन कभी सफेद नहीं होता है धन श्रम शक्ति के लाल रक्त और रंगहीन पसीने से पैदा...

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हमेशा आम जनता ही भुगतती है युद्ध का खामियाजा

युद्ध का खामियाजा हमेशा आम आदमी ही भुगतता है इंदौर।...

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संपादकीय टिप्पणीः घुटे हुए और घाघ कॉमरेड्स मुझे करेक्ट करेंगे...