बाघ अभ्यारण को हटाना है! जल-जंगल जमीन को बचाना है!

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जैसा कि आपको पता है कैमूर बाघ अभ्यारण्य और वन सेंचुरी के खिलाफ कैमूर मुक्ति मोर्चा ने तीन दिवसीय पदयात्रा का आयोजन किया है। जिसकी शुरुआत 26 मार्च 2022 को अधौरा के बिरसा मुंडा स्मारक से सुबह दस बजे शुरू हुआ था। आज हमारे पदयात्रा का तीसरा और अंतिम दिन था। जो तय कार्यक्रम के अनुसार शहर में जुलूस और जिला मुख्यालय पर आ कर धरना और सभा में बदल गया। जिला मुख्यालय पहुचने पर भारी संख्या में पुलिस ने रोक ली। जनता के तीखी नोकझोक हुई और उसी स्थान पर सभा शुरू कर दिया गया। जिसके बाद पुलिस प्रशासन दबाव में आकर सभा की जगह देने पर मजबूर हो गया। सभा की शुरुआत क्रांतिकारी गीत “ले मशाले चल पड़े हैं” गीत से हुई। कैमूर मुक्ति मोर्चा के सचिव राजलाल सिंह खरवार, खेत मजदूर किसान सभा के अशोक बैठा, मजदूर संगठन समिति से Bachcha Singh , मेहनत महिला संघर्ष समिति से सुमित्रा मुर्मू, Bhagat Singh Chhatra Morcha से आकांक्षा आजाद, ट्रेंड यूनियन के नेता एस. पी. राय, अधौरा के जिला परिषद डॉ राजू सिंह खरवार आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। सभा का संचानल विनोद शंकर ने और अध्यक्षता कैमूर मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य पारिख सिंह खरवार ने किया। सभा को सम्बोधित करते हुए सचिव राजलाल सिंह खरवार ने कहा कि हम सरकार के इस विनाशकारी परियोजना बाघ अभ्यारण को किसी भी हाल में जमीन पर उतरने नही देंगे। हम सरकार को चेतावनी देने आये है कि वो कैमूर पठार से बाघ अभ्यारण और वन सेन्चुरी को तत्काल खत्म करे नहीं तो हम एक बड़ा जनांदोलन करेंगे तथा पेसा कानून, वनाधिकार कानून 2006 लागू कराने की मांग भी की।
बाहर से आंदोलन में आये सभी संगठनों के साथियों ने इस आंदोलन में हरसंभव समर्थन देने की बात कही।
आखिर में मुख्यमंत्री के नाम से जिला मुख्यालय को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें मुख्य तौर पर बाघ अभ्यारण को हटाने और आदिवासियों के सभी वनाधिकार कानूनों को लागू करने और पुलिसिया दमन बंद करने की मांग की गई।
सचिव
राजलाल सिंह खरवार
कैमूर मुक्ति मोर्चा
बाघ अभ्यारण को हटाना है! जल-जंगल जमीन को बचाना है!

*कैमूर पठार से वन जीव अभ्यारण और बाघ अभ्यारण को तत्काल खत्म करो!
*प्रस्तावित भारतीय वनाधिकार कानून 2019 को तत्काल वापस लो!
*वनाधिकार कानून 2006 को तत्काल प्रभाव से लागू करो!
*कैमूर पहाड़ का प्रशासनिक पुनर्गठन करते हुए पांचवीं अनुसूची क्षेत्र घोषित करो!
*छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम को लागू करो!
*पेशा कानून को तत्काल प्रभाव से लागू करो!
*बिना ग्राम सभा के अनुमति के गांव के सिवान में घुसना बंद करो!
*जंगल में टांगी (कुल्हाड़ी) छिनना बंद करो!
*खेशंती कि जमीन से लोगों को उजाड़ना और उसमें वृक्ष रोपना बंद करो!
*हमारे वन उत्पाद पर रोक लगाना बंद करो!
*जनता को फर्जी मुकदमे में फसाना बंद करो!
*लकड़ी पकड़ना (ग्रामीण लोगों का) बंद करो!

कैमूर मुक्ति मोर्चा

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