यूपी बी.एड. निर्धारित समय -सीमा बढ़ाने के खिलाफ छात्रों का कुलपति को खुला खत

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जौनपुर : जिन छात्र-छात्राओं ने B.Ed सत्र 2019-21 हेतु प्रवेश लिया है जो कि 2 साल का कोर्स है और इसे जून 2021 में पूरा हो जाना है। 1st सेमेस्टर पूरा होने के बाद और 2nd सेमेस्टर की परीक्षा के ठीक पहले आये कोरोना संक्रमण के भयंकर दौर में परीक्षा नहीं हो सकी। अधिकारिक घोषणा अनुसार अगले सेमेस्टर हेतु छात्रों को प्रमोट कर दिया गया था।
बिहार चुनाव में भारत सरकार के मंत्री से लेकर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री तक बिना मास्क लगाई,बिना शारीरिक दूरी का पालन कर रही भीड़ को संबोधित व चुनावी रैलियां लगातार कर रहे हैं।अब सवाल ये है कि देश मे अगर चुनाव की घोषणा व उसका नतीजा बिल्कुल सही समय पर आ सकता है तो हम छात्रों के प्रवेश,अध्ययन,परीक्षा व डिग्री को निर्धारित समय पर पूरा क्यों नहीं किया जा सकता?क्यों नहीं किया जा रहा है?
 विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रमोटेड रिजल्ट देने में भी 4 महीने से ज्यादा समय लग गया, फिर अभी तक 3rd सेमेस्टर का संचालन सुचारू रूप से प्रारंभ नहीं हुआ है। जबकि डिग्री के निर्धारित समय -सारणी अनुसार दिसंबर, 2020 में तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा पूर्ण हो गई होती और 4th यानी अंतिम सेमेस्टर में प्रवेश, पठन पाठन के साथ मई 2020 में अंतिम परीक्षा हो जाती। उसके बाद भविष्य की पढ़ाई सहित रोजगार में अपने को व्यस्त रखते। लेकिन इन्ही सब सरकारी लेटलतीफी, भयंकर लापरवाही से हम सभी छात्रगण अपने शैक्षिक भविष्य को लेकर घोर असमंजस और गहरे अवसाद में है।
 इसके पहले भी सभी छात्रों के साथ सरकार व विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा साजिशन घातक धोखा किया गया कि उक्त कोर्स में प्रवेश लिए ज्यादातर छात्र-छात्राओं को प्रथम वर्ष में न तो निर्धारित छात्रवृत्ति दी गई और न ही शुल्क प्रतिपूर्ति दी गयी और कुछ लोगों को यदि शुल्क प्रतिपूर्ति दी भी गई लेकिन अग्रिम पढ़ाई जारी रखने हेतु छात्रवृत्ति नहीं दी गई। ऐसे में ज्यादातर छात्रों ने कर्ज या उधार मांग कर अपने फीस की पूरी अदायगी की थी, जिसे तो वे अभी चुका न सके थे लेकिन अगले सेमेस्टर में फिर से यही तकलीफदेह प्रक्रिया दोहराना अब शर्मनाक मजबूरी है।आम जन के लिए वर्तमान आर्थिक संकट के मद्देनजर इस वर्ष के बी.एड. कोर्स में सभी छात्रों के प्रवेश शुल्क,परीक्षा शुल्क आदि दे पाना मुश्किल है।
डिग्री के निर्धारित समय सीमा यानी 2 साल के कोर्स को आगे बढ़ाकर हमारे छात्र जीवन की अमूल्य समय को बर्बाद न कर दिया जाए? देश में सभी सरकारी आयोजन यहाँ तक की चुनाव भी निर्धारित समय पर जारी है। बिहार चुनाव में भारत सरकार के मंत्री से लेकर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री तक बिना मास्क लगाई,बिना शारीरिक दूरी का पालन कर रही भीड़ को संबोधित व चुनावी रैलियां लगातार कर रहे हैं।अब सवाल ये है कि देश मे अगर चुनाव की घोषणा व उसका नतीजा बिल्कुल सही समय पर आ सकता है तो हम छात्रों के प्रवेश,अध्ययन,परीक्षा व डिग्री को निर्धारित समय पर पूरा क्यों नहीं किया जा सकता? इसे पूरा किया जाना चाहिए।
B.Ed. करने की उम्र में ज्यादातर महिला छात्राओं पर उनके शैक्षिक भविष्य,रोजगार सहित ज्यादातर पारम्परिक परिवार वालों की तरफ से शादी-विवाह का कितना ज्यादा दबाव होता है? ऐसे में 2 साल के कोर्स की निर्धारित समय सीमा को अतिरिक्त एक भी महीना बढ़ाना हमारे महिला दोस्तों सहित सभी लोगों के अरमानों,उनके कीमती समय और साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की हत्या करना होगा।

छात्रों द्वारा माँगी गयीं माँगे :

  • B.Ed.कोर्स,सत्र 2019-21 को निर्धारित समय सीमा (जून 2021) तक बिना एक भी महीना अतिरिक्त समय लेते हुए,अनिवार्यतः पूरा किया जाए!
  • अतिरिक्त बजट बढ़ाकर सभी छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से,पहले के बकाया सहित भावी शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति को अवश्य प्रदान किया जाए।
  • इस वर्ष के शेष पाठ्यक्रम में सभी छात्र छात्राओं के प्रवेश व परीक्षा शुल्क को पूर्ण रूप से मुफ्त किया जाए।
  • 3rd सेमेस्टर को या तो 2nd सेमेस्टर की तर्ज पर प्रमोट किया जाए या मई, 2021 में परीक्षा तिथि घोषित करते हुए, 3rd व 4th सेमेस्टर का संयुक्त पाठ्यक्रम घोषित करते हुए संयुक्त वार्षिक परीक्षा ली जाए। क्योंकि वर्तमान समय में, उत्तर प्रदेश में ही कई विश्वविद्यालय (फैजाबाद, गोरखपुर, मेरठ) B.Ed की सेमेस्टर की बजाय वार्षिक परीक्षा का आयोजन तो करते ही हैं।
  • अध्ययन की कमी, सुरक्षा की कमी, कोरोना संक्रमण का साजिशन बहाना न बनाते हुए सभी कॉलेजों को; सुरक्षा के सभी वैज्ञानिक इंतजाम की जिम्मेदारी लेते हुए व्यवस्थित रूप से खोला जाए।
  • पठन-पाठन,टीचिंग,परीक्षाएं,मूल्यांकन और डिग्री प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया तत्काल बहाल करते हुए निर्धारित समय सीमा जून,2021तक अनिवार्यतः पूर्ण किया जाए! ताकि हम सभी छात्र-छात्राओं का भविष्य भी उज्जवल हो सक
माँग पत्र की प्रतिलिपि मा.कुलाधिपति(राज्यपाल)उत्तर प्रदेश सरकार,  मा.शिक्षा मंत्री,उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार , मा.शिक्षा मंत्री, भारत सरकार, मा.प्रधानमंत्री, भारत सरकार को भी छात्रों ने दिया।

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