ऐपवा बोकारो जिला कमिटी ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 

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  • विशद कुमार
बोकारो : जिले के साड़म पश्चिमी पंचायत सचिवालय में ऐपवा बोकारो जिला कमिटी की जिला अध्यक्ष शोभा देवी की अध्यक्षता में सैकड़ों महिलाओं की उपस्थिति में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली दी गई।
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ऐपवा बोकारो जिला कमिटी की जिला अध्यक्ष शोभा देवी ने कहा कि 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है, महिला दिवस के इतिहास से हम वाकिफ हैं कि काम के घंटे कम करने फैक्टरियों, कारखानों समेत सभी कार्य स्थलों पर शोषण मुक्त और सुरक्षित कार्य स्थितियों के लिए महिलाओं के वोट देने के अधिकार के आन्दोलन को मजबूत करने के लिए 1910 में  अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में महिला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। इस तरह महिला दिवस महिलाओं के आर्थिक अधिकार, सामाजिक गरिमा व राजनीतिक न्याय हासिल करने के संघर्ष का प्रतीक बन गया। तब से इस दिन को दुनिया भर में महिलाओं ने बड़े बड़े आन्दोलन किए हैं और कई जीत हासिल की है। लेकिन आज 110 वर्षों के बाद संघर्ष से हासिल हमारे ये अधिकार खतरे में है और पूरी दुनिया में महिलाएं अपनी अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ रही हैं। अपने देश की बात करें तो मजदूर महिलाएं मोदी सरकार द्वारा पारित श्रम कानूनों के खिलाफ लड़ रही हैं और अकुशल वर्कर लड़ रहे हैं कि इन्हें कर्मचारी की मान्यता एवं न्यूनतम वेतन मिले। किसान महिलाएं दिल्ली बोर्डर सहित पूरे देश में कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रही हैं।अंबानी-अडानी और बडे पूंजीपतियों के फायदे के लिए बनाए गए ये कानून किसानों की गुलामी का दस्तावेज़ है। इन कानूनों के जरिए धीरे-धीरे राशन वयवस्था जनवितरण प्रणाली को खत्म कर देगी। इसलिए यह देश की गरीब महिला के हितों पर बड़ा हमला है। इस कानून से कारपोरेट घरानों का अनाज पर नियंत्रण होने पर अनाज और महंगा होकर बाजार में बिकेगा और मधयम वर्गीय महिलाओं की रसोई को भी प्रभावित करेगा। इसलिए तीन कृषि कानूनों को खत्म करने की माँग किसान महिलाओं की ही नहीं बल्कि देश की आम महिलाओं की माँग है। पेट्रोल डीजल, रसोई गैस की बढती कीमतों से महिलाएं परेशान हैं, इसलिए निजीकरण का विरोध और कीमतों पर नियंत्रण की माँग कर रही है, स्वयं सहायता समूहों का माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से छोटे कर्ज लेनेवाली महिलाएं कर्ज माफी ब्याज दरों को कम करने और अन्य राहतों की माँग कर रही हैं।
यही सब तमाम सवालों को लेकर आगामी 15 मार्च को विधान सभा मार्च करने का भी निर्णय लिया गया।
मौके पर सोलिता देवी, तारा देवी, प्रभावति देवी, शंकुतला देवी, सुशील देवी, मीरा देवी, पिरिति देवी, रेखा देवी, रीना देवी, कलावती देवी, मालतीदेवी, शांति देवी, चान्दनी देवी, बबिता देवी, मीना देवी, शीला देवी, पुतूल देवी के अलावा सैकड़ों महिलाए उपस्थित थी।

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