किसान आंदोलन के समर्थन में बनारस में किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन

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वाराणसी : जन विरोधी कृषि कानूनो को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग को लेकर आज बनारस स्थित शास्त्री घाट, कचहरी पर एक।किसान मजदूर पंचायत आयोजित की गई। इसका आयोजन अखिल भारतीय किसान महासभा एवं अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा द्वारा  किया गया।


किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि  चार माह पहले दिल्ली पहुंच कर शुरू किया गया किसान आंदोलन आज देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गया है। 250 किसानों की शहादत के बाद भी मोदीं सरकार अम्बानी अडानी के फायदे के लिए बनाए गए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। जबकि किसान अपनी मांगों सेपीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। इस आंदोलन को जीतने के।लिएआज खेत मजदूरों की एकता की बेहद जरूरत है। महापंचायत को सम्बोधित करते हुए भाकपा माले राज्य सचिव सुधाकर यादव न कहा कि मोदी सरकार ने रेल बीमा बैंक जैसी सरकारी संस्थाओं को पूंजीपतियों के हाथों बेचने की मुहिम छेड़ दी है। ट्रेड यूनियन लीडर श्री प्रकाश राय ने मजदूरों किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि इस बात पर खुशी जाहिर की कि किसानों की लड़ाई में देश के मजदूर और उनकी ट्रेड यूनियन भी साथ आ रहे हैं और यह भारत में मजदूर और किसान आंदोलन के लिए शुभ संकेत है।

प्रगतिशील लेखक संघ की तरफ से कार्यक्रम को समर्थन देने पहुँचे गोरख पांडेय ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि एकजुट हुआ जाए और चुनावों में इन फासिस्ट ताकतों को करारी मात दी जाए। उन्होंने तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन को जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया।


बीएचयू की प्रोफेसर प्रतिमा गोंड ने कहा कि  जिस तरह से सरकारी संस्थाओं से लोकतंत्र को डिलीट किया जा रहा है और जो सफोकेशन हम महसूस कर रहे हैं, सबको अपनी-अपनी मॉंग लेकर किसान आंदोलन के साथ खड़ा हो जाना चाहिए। किसान लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। शिक्षक-विद्यार्थी अपनी शिक्षा और विश्वविद्यालय की ऑटोनॉमी बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। अल्पसंख्यक अपनी नागरिकता के लिए लड़ रहा है, आदिवासी जल जंगल ज़मीन के लड़ रहा है, स्त्री अपने सम्मान के लिए तो दलित बहुजन अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए  लड़ रहा है। सबको लोकतंत्र को बचाने के लिए किसान के साथ खड़े होकर इस सरकार को डिकंस्ट्रक्ट करने के लिए सड़क पर आना चाहिए।  किसान नेता कृपा वर्मा और प्रगतिशील लेखक संघ से प्रो गोरख पाण्डे ने भी सभा को सम्बोधित किया।  स्वागत भाषण ट्रेड यूनियन लीडर  वी. के. सिंह ने दिया
दस्तक पत्रिका की सम्पादक सीमा आज़ाद साथ ही कार्यक्रम को खेग्रामस से अमरनाथ यादव, ऐपवा जिला सचिव स्मिता बागड़े, गांधी स्टडीज सेंटर से डॉ मुनीज़ा रफीक़ खान, इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश यादव, सामाजिक कार्यकर्ता नन्दलाल मास्टर, अधिवक्ता प्रेमप्रकाश  आदि ने संबोधित किया।

संचालन खेग्रामस के कॉ. अमरनाथ राजभर जी ने किया।

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