अमर उजाला की रिपोर्टिंग पर आखिर क्यों हो रहा है हंगामा?

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बीएचयू, वाराणसीः  आज भगत सिंह छात्र मोर्चा द्वारा अमर उजाला अखबार में छपे सरकार के बयान के खिलाफ शाम 5 बजे विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू में विरोध प्रदर्शन किया गया।
15 जनवरी को अखबार में छपी इस रिपोर्ट के अनुसार बीएचयू एवं विद्यापीठ के स्टूडेंट्स समेत पूर्वांचल के विश्वविद्यालयों पर निशाना साथ यह कहा गया है कि ये लोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। आजमगढ़ में करीब 100 दिनों से किसान अपनी ज़मीन और घर बचाने के लिए आंदोलनरत है, जबकि सरकार जबरन उनसे वो जमीन छीन रही है। सरकार और प्रशासन के दबाव में आकर अमर उजाला अखबार ने आजमगढ़ के किसान आंदोलन से जुड़े लोगों को अर्बन नक्सल और राष्ट्र विरोधी बताया है। इन सब से साफ़ प्रतीत होता है कि सरकार सुरक्षा और मीडिया एजेंसियों के माध्यम से उन सभी लोगों और आंदोलनों पर हमला कर रही है जो सरकार की जन विरोधी गतिविधियों के खिलाफ़ बोल रहे हैं। इसके अलावा इसमें तमाम बुद्धजीवियों और एनजीओ को भी निशाने पर लिया गया है। सरकार की यह रिपोर्ट साफ़ तौर पर अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ है और जनता के हक में बोलने वाले लोगों में डर का माहौल बनाने की साजिश है। यह दमन आने वाले चुनाव के मद्देनजर तेज़ किया जा रहा है। जिस अर्बन नक्सल के नाम पर सुधा भारद्वाज, जी एन साईबाबा, आनंद तेलतुंबडे, वरवर राव व देश के तमाम बुद्धजीवियों को सरकार द्वारा गिरफ्तार किया गया था, यह रिपोर्ट उसी कड़ी में सरकार के अगले कदम को दर्शाती है। अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा किए हवाई हमला भी इसका एक उदाहरण है।

आज भगत सिंह छात्र मोर्चा के सदस्यों ने अपने बातों एवं गीतों के माध्यम से इस रिपोर्ट का विरोध किया। सबसे पहले आदर्श ने बताया कि किस प्रकार से आजमगढ़ के किसान आंदोलन को साजिश के तहत बदनाम करने का कोशिश किया जा रहा हैं।
उसके बाद महेन्द्र ने मीडिया के चरित्र के बारे में बताते हुए कहा कि किस प्रकार से वर्तमान समय में मीडिया सरकार का कठपुतली बनकर रह गया है।
यशवीर ने अपनी बात रखते हुए कहा की देश के कोने कोने में आदिवासी अपने जल जंगल जमीन की लड़ाई लड़ रहे हैं और उसने आदिवासियो के ऊपर हो रहे दमन के बारे में भी बताया।
उसके बाद विनय ने विस्तार में वर्तमान तानाशाह सरकार के नीतियों के बारे में बताया कि किस प्रकार से उनकी सारी नीतियां जनता विरोधी है एवं सरकार अपने गलतियों को छिपाने के लिए देश के शोषित पीड़ित समाज के आंदोलनों को बदनाम करने का साजिश करती है। लेकिन सरकार की इन साजिशो का पुरजोर तरीके से हमें पर्दाफाश करना होगा।
गणेश ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में सरकार के दमनकारी रवैया के खिलाफ़ छात्र, किसान , मजदूर,आदिवासी एवं अन्य शोषित, वंचित समाज के सारे लोगो को एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है।
कुछ गीत गाने के मध्यम से भी लोगों के बीच संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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