आईकप के राज्य शिविर में आदिवासी अधिकार पर कई चर्चा 

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रांची : झारखंड के रांची, गुमला, सिमडेगा और महुआडांड़ के विभिन्न विश्वविद्यालय में अध्ययनरत कॉलेज के विद्यार्थियों का तीन दिवसीय राज्य शिविर लातेहार जिला और छत्तीसगढ़ के सीमा पर अवस्थित चीरोपाठ परिसर में आयोजित किया गया था। जिसमें 152 विद्यार्थियो ने हिस्सा लिया। पहले दिन प्रतिभागियों को ऑल इण्डिया काथोलिक यूनिवर्सिटी फेडरेशन आईकप के ऐतिहासिक सफर की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आदिवासी अधिकारों के जानकार जेम्स हेरेंज ने वन अधिकार कानून की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दशकों से वनभूमि काबिज आदिवासियों को वन विभाग के अत्याचार का शिकार होना पड़ा है। इसी ऐतिहासिक अन्याय से लोगों को राहत देने के लिए वन अधिकार कानून 2006 पारित किया गया। इसमें व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पट्टा देने का प्रावधान है। दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए समाजसेवी सुनील मिंज ने आदिवासी उपयोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियम के मुताबिक यूनियन बजत में आदिवासियों की जनसंख्या के अनुपात में प्रतिवर्ष बजट आवंटित करना है।
सत्र के दूसरे दिन फिलिप कुजूर ने पेसा कानून और 5वीं अनुसूचि के प्रावधानों की जानकारी दी गई। जिसमें जल, जंगल, जमीन पर ग्राम सभाओं का पूर्ण नियंत्रण का अधिकार है। राज्य के13 जिले 5वीं अनुसूचि के अंर्तगत आते हैं। जहां लोकसभा और विधानसभा में पारित सामान्य कानून इन इलाकों में लागू नहीं होते, बल्कि आदिवासी सलाहकार परिषद द्वारा अनुशंसित राज्यपाल के आदेश से समुचित संशोधन से कानून लागू हो सकेंगे। एनसीडीएचहार के राज्य समन्वयक में मिथिलेश कुमार ने छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर आवंटित राशि लैप्स नहीं होगी और आवंटित बजट का विचलन नहीं किया जाना है। लेकिन कार्यपालिका में बैठे लोग बजट का दुरूपयोग लगातार करते रहें है। जिसमें इस पैसे से झारखंड में फोरलेन सड़कें बनाई गई। खेलगांव में मेगा स्पोटस कम्पलेक्स व होटवार जेल का निर्माण किया गया। यह बेहद गंभीर और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लधनं का मामला है। इस प्रकार सत्र के दूसरे दिन फिलिप कुजूर ने पेसा कानून और 5वीं अनुसूचि के प्रावधानों की जानकारी दी गई। जिसमें जल, जंगल, जमीन पर ग्राम सभाओं का पूर्ण नियंत्रण का अधिकार है। राज्य के13 जिले 5वीं अनुसूचि के अंर्तगत आते हैं। जहां लोकसभा और विधानसभा में पारित सामान्य कानून इन इलाकों में लागू नहीं होते, बल्कि आदिवासी सलाहकार परिषद द्वारा अनुशंसित राज्यपाल के आदेश से समुचित संशोधन से कानून लागू हो सकेंगे। एनसीडीएचहार के राज्य समन्वयक में मिथिलेश कुमार ने छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में आईकप के फुलटाईमर जेनी टोप्पो, अनिकेत शुभम बेंक, जानसन लकड़ा, अंकित तिर्की, जाॅन पंकज कुजूर, जयन्ती मिंज आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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