वेदा राकेश अभिनीत नाटक “एक अकेली औरत” ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध

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आज़ादी के 75 वर्ष पर आज़ादी के आंदोलन के असली नायक-नायिकाओं को समर्पित जन नाट्य संस्था इप्टा द्वारा आयोजित ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा नफ़रत और हिंसा के ख़िलाफ़ मोहब्बत का पैग़ाम लेकर आज वाराणसी पहुंची।
इस अवसर पर ऐपवा के संयोजन से इप्टा द्वारा आयोजित “एक अकेली औरत” नामक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई। फ्रेन्का रेम और दरियो फो की कृति पर आधारित इस नाटक का हिंदी अनुवाद,निर्देशन औऱ एकल अभिनय सुप्रसिद्ध रंगकर्मी वेदा राकेश ने किया।

पुरुषसत्तात्मक समाज में महिला हिंसाऔर यौन शोषण पर आधारित यह नाटक एक महिला की संवेदनशील अभिव्यक्ति को उजागर करता हैं जिसका अंत सभी के लिए प्रेरणादायक रहा। यह नाटक बीएचयू के निकट छोटा सीर बस्ती में घरेलू कामगार महिलाओं के बीच किया गया। महिलाओं ने भावविभोर होकर वेदा राकेश के एकल अभिनय को देखा। इन अवसर पर यौधेश बेमिसाल ने जनगीत और लोकगीतो की प्रस्तुति दी। घरेलू कामगार महिलाओ की ओर से सविता औरअनीता ने अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। छोटासीर बस्ती की सबसे वरिष्ठ किस्मती दादी ने रंगकर्मीं वेदा राकेश को और इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश वेदा को लेखक और चिंतक वी के सिंह ने गंगा जमुनी तहज़ीब का प्रतीक बनारसी दुप्पटा पहनाकर सम्मान किया।
कार्य्रकम में प्रलेस से डॉ. वंदना चौबे, प्रो. आशीष त्रिपाठी के साथ प्रो. असीम मुखर्जी, प्रो. आर. के. मंडल, कॉ. प्रशांत शुक्ल, एवं अन्य लोग उपस्थित थे। नाटक को देखने ऑल इंडिया सेकुलर फोरम के सूबे के सर्वेसर्वा डॉ. मोहम्मद आरिफ को विशेष रूप से उपस्थित होना था लेकिन सामाजिक कार्यों में अपनी अति व्यस्तता के चलते वे हाजिर नहीं हो सके।
कार्यक्रम का संचलान ऐपवा राज्य सचिव कुसुम वर्मा ने किया। इस अवसर पर ऐपवा जिला सचिव स्मिता बागड़े, अध्यक्ष सुतपा गुप्ता, उपाघ्यक्ष विभा प्रभाकर, विभा वाही, प्रांजना मोहंती आदि शामिल थे। कार्यक्रम में बीसीएम से जुड़े युवा और लोक बंधु पार्टी के युवा नेता निकलेश सिंह भी मौजूद थे। 
धन्यवाद ज्ञापन ऐपवा सहसचिव सुजाता भट्टाचार्य ने किया।

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