प्रकाश में आया है तीन फुट जमीन की चोरी और 7 फुट जमीन को पीछे किए जाने का मामला

0
555


वाराणसीः पिंडरा तहसील के गाँव गहरपुर, पोस्टः पुआरीकलां में डेढ़ बिस्वा जमीन बैनामा करने के उपरांत 3 फुट जमीन कम देने और फिर उसे लेकर विक्रेता द्वय द्वारा विवाद शुरू किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
अमेठी निवासी सुमन तिवारी ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले मिश्रा बंधुओं से डेढ़ बिस्वा जमीन खरीदी थी लेकिन इन लोगों ने कोरोना-काल की विषम परिस्थिति का लाभ उठाकर धोखे से तीन फुट जमीन कम नापकर दी। और यहीं पर ही नहीं रुके, 7 फीट जमीन आगे चकरोड की ओर देने की बजाय पीछे दे दी।
सुमन तिवारी से प्राप्त जानकारी के अनुसारः जमीन खरीदने के उपरांत घर बनवाने का मैंने ठेका दे दिया। मैं जमीन की नपाई के वक्त मौके पर थी नहीं, जिसका लाभ उठाकर मिश्रा बंधुओं ने मेरा घर उस जगह से 10 फुट पीछे बनवा दिया, जहाँ से मुझे बैनामा हुआ था। लॉजिक कहता है कि चूँकि आवासीय भूखंड के हिसाब से मेरा बैनामा हुआ है तो अगर चकरोड तक जाने के लिए मेरे पास वैध रास्ता नहीं होता तो आवासीय जमीन का बैनामा कानूनन हो ही नहीं सकता था। बैनामा करने के उपरांत मिश्रा बंधुओं को लगा कि उन्हें अपने पटीदारों को रास्ता देना है तो उन्होंने मेरा घर 10 फुट पीछे करवा दिया। 10 फुट का जो रास्ता छोड़ा गया था उसमें से तीन फुट जमीन मेरे बैनामे की जमीन से मुझे बिना बताए ले ली गई थी, जिसे पता चलने में मुझे कवर करना था ही और मैंने किया भी। ————–अब वस्तुस्थिति यह है कि मेरे घर का पिछला हिस्सा, लगभग 7 फुट, मिश्रा बंधुओं की जमीन पर बना हुआ है। मेरे घर के आगे और चकरोड के बीच की 7 फुट जमीन कानूुनन मेरी है। कानून के जानकारों से मुझे यह पता लगाना है कि क्या मैं अपने आगे की 7 फुट जमीन, जो कि कानूनन मेरी है, को घेर सकता हूँ? मिश्रा बंधु तर्क देंगे कि मैंने जितनी जमीन लिखवाई थी उसे मैंने कवर कर ली है तो इस हिसाब से आगे की जमीन उनकी हुई। ———–लेकिन, यहाँ एक पेंच है। अगर मैं अपने घर के आगे की जमीन मिश्रा बंधुओं को देता हूँ तो नंबरी जमीन के आगे की परती जमीन के लालच में ये लोग मेरी दीवार से सटाकर निर्माण करना चाह सकते हैं, जो कि मेरे हितों के खिलाफ जाएगा। अगर मेरे घर के आगे निर्माण होता है तो सड़क तक आऊँगा-जाऊँगा कैसे? मेरे साथ चारसौबीसी हुई है, मेरी तीन फुट जमीन चुराई गई थी, चोरी पकड़े जाने के उपरांत मिश्रा-खानदान धमकाने पर उतर आया। खैर, इन लोगों के वश में जो-जो होगा उस सब पर उतरेंगे, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं। ————मेरे घर का पिछला 7 फुट जो इनकी जमीन पर बना है, उसका दाम तो लिखा-पढ़ी में मैं इन्हें दे सकता हूँ, लेकिन उसे गिरवाने के लिए तो इन लोगों को कोर्ट ही जाना पड़ेगा। जब बन रहा था तो क्यों नहीं रोका? 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here