पंचायत में बड़े पैमाने पर पंचायत शिक्षक नियोजन में धांधली 

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विशद कुमार
 बिहार के पूर्णियां जिला अंतर्गत ग्राम + पो०+थाना रूपौली के रहने वाले साजन कुमार पिता भुजंगी प्र0 यादव  का शिक्षक नियोजन मामले में धांधली को लेकर पंचायत सचिव, पंचायत शिक्षक नियोजन ईकाई विजय मोहनपुर / लक्ष्मीपुर गिरधर पंचायत, प्रखण्ड रूपौली, जिला पूर्णियां को पत्र भेजकर बताया है कि मैं पंचायत शिक्षक नियोजन ईकाई विजय मोहनपुर / लक्ष्मीपुर गिरधर 2019-21 का शिक्षक अभ्यर्थी हूँ। मैं अपना काउन्सिलिंग हेतू निर्धारित तिथि 12.07.2021 को नियत समय पर पंचायत शिक्षक नियोजन ईकाई रूपौली में शाम छः बजे तक उपस्थित रहा। पंचायत लक्ष्मीपुर गिरधर में गड़बड़ी को देखते हुए नियोजन ईकाई ने वहाँ की नियोजन प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से रद्द कर दी। रद्द करने के बावजूद भी चयन सूचि में पाँच अभ्यर्थियो का चयन कर लिया गया है जो सर्वथा अनुचित है ।
 उन्होंने बताया कि दूसरी धांधली पंचायत विजय मोहनपुर में हुई है। इस पंचायत में सामान्य कोटि के कुल तीन रिक्तियाँ थीं, जिसमें प्रथम अभ्यर्थी का चयन मेघा क्रमांक 134 कुल अंक 70.99% के साथ चयन हुआ। दूसरे अभ्यर्थी के रूप में उसी कोटि में मेघा क्रमांक 336 कुल अंक 67.16% के साथ पवन कुमार यादव का चयन हुआ। जब मेघा क्रमांक 337 कुल अंक 67.16% के साथ मेरी बारी आई तो ईकाई ने बोला कि अब रिक्ति नहीं है, फिर भी मैं नियोजन स्थल पर पंजी बंद होने तक उपस्थित रहा और मेरा काउन्सिलिंग नहीं किया गया। इसकी जाँच अधिकारिक विडीयों रिकॉडिंग में किया जा सकता है। अन्याय तो तब हुआ जब 21.07.21 को चयनित सूची में मेघा क्रमांक 877 कुल अंक 56.3 % के साथ रविशंकर सिंह (CTET/BTET ROLL NO 07052766 ) का चयन हुआ। यह मेरे साथ अन्याय नहीं तो और क्या है? नियमानुसार वहाँ किसी भी अभ्यर्थी का नाम तीन बार नहीं पुकारा जा रहा था। हेल्प सेंटर के अलावा कहीं भी स्पीकर की व्यवस्था नहीं थी ।
अतः श्रीमान से आग्रह है कि इसकी पूरी जाँच पड़ताल कर मेरे साथ उचित न्याय की जाय तथा योग्य अभ्यार्थी को चयन सूची में शामिल करने की कृपा जाय
     बता दें कि निर्धारित तिथिनुसार 12/07/21 को रूपौली प्रखंड के पन्द्रह पंचायत का काउन्सिलिंग होना था, जिनमें अनियमितता को देखते हुए पंचायत मतेली खेमचन्द का काउन्सिलिंग रद्द कर दिया गया। इसी अनियमितता और धाधली के तहत नियोजन ईकाई ने पंचायत लक्ष्मीपुर गिरधर को भी रद्द करने की घोषणा कर दी। इस तरह से बचे तेरह पंचायत का चयन सूची जारी करना चाहिए था, जबकि चौदह पंचायत का चयन सूची एक सप्ताह बाद 20/07/21 को वेबसाइट पर जारी किया गया।
अब समझा जाय –  पंचायत मेतेली खेमचन्द तो रद्द हो गया, परन्तु पंचायत लक्ष्मीपुर गिरधर रद्द होने के बावजूद भी चयन सूची में पाँच अभ्यर्थियों का नाम चयनित है। इन पाँचों अभ्यर्थी का चयन कब और कैसे किया गया? इसका जवाब नियोजन ईकाई को अविलंब देना चाहिए। यदि जवाब नहीं है, तो स्पष्टतः वहाँ बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
     यहाँ के लगभग सभी नियोजन ईकाइयों पर शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश का उल्लंघन किया गया है। क्या किसी भी अभ्यर्थी का नाम तीन बार पुकारा जाता था? क्या ग्यारह बजे से काउन्सिलिंग प्रारंभ किया गया था? क्या सहायता केन्द्र के अलावे एक जगह भी लाउडस्पीकर की व्यवस्था थी? एक भी जगह आद्योपांत तक विडियोग्राफी हुई थी? अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए विडियोग्राफी नहीं हुई या कोई और कारण था? उक्त सवाल उठाते हुए सजन कुमार इस धांधली उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
  वे आगे कहते हैं कि हद तो तब हो गई, जब यह घटना मेरे साथ पंचायत विजय मोहनपुर में घटित हुई। यहाँ सामान्य कोटे में कुल तीन रिक्तियां थी। इसी कोटे में प्रथम अभ्यर्थी का चयन मेधा क्रमांक 134, कुल अंक 70.99 पर चयन हुआ। मेधा क्रमांक 336 में दूसरे अभ्यर्थी पवन कुमार यादव का 67.16% अंक पर चयन हुआ । इतना ही अंक के साथ मेधा क्रमांक 337 में मेरा नाम है और मुझे बताया गया कि अब सामान्य कोटे में सीट नहीं है। इसके बावजूद भी मैं पंजी बंद होने तक नियोजन स्थल पर टिका रहा और बार-बार प्रतिनियुक्त म0 वि0 छर्रापट्टी शिक्षक के शिक्षक नंदकिशोर कुमार साह तथा कुमार गौरव सर से रिक्ति के बारे में पूछता रहा, परन्तु वे लोग एक बार भी सच नहीं बताया। जब मैंने चयन सूची देखा तो पता चला कि सामान्य कोटे में मेधा क्रमांक 877 का चयन मात्र 56.3% अंकों के साथ तीसरे अभ्यर्थी का चयन हुआ है। यह अन्याय नहीं तो और क्या है? इस जघन्य अपराध के लिए दोषी कौन है? पूरे बिहार में यदि देखा जाय तो मात्र 56.3% मेधा अंक पर सामान्य कोटे के पुरूष का चयन नहीं हुआ होगा। दूसरे अभ्यर्थी का मेधा अंक 67.16 है , जबकि चयनित सूची में बढ़ाकर 75.5% कर दिया गया है। इस प्रकरण को लेकर यहाँ के सभी मिडियागण चुप्पी साध लिए हैं। इनकी चुप्पी का ईशारा समझ सकते हैं, अन्यथा बहुत से छुटभैये लोग एक मच्छर मरने पर भी विलाप करते हुए नजर आते हैं।
12/07/21 को काउन्सिलिंग सम्पन्न हुआ। एक सप्ताह बाद 20/07/21 चयनित अभ्यर्थी का सूची वेबसाइट पर अपलोड किया गया। 21/07/21 और 22/07/21 को बकरीद का छुट्टी थी। सजन कुमार  कहतें हैं कि 23/07/21 से मैंने आपत्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दी। अंततः मैं अपने हक और सच को उजागर करने के लिए लगभग हर जगह आपत्ति दायर कर दिया। सर्वप्रथम पंचायत सचिव फिर प्रखंड शिक्षा  पदाधिकारी इसी क्रम से प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डी पी ओ स्थापना, जिलाधिकारी, शिक्षा निदेशक पटना और लगभग सभी उच्च अधिकारीगण को ईमेल के माध्यम से आपत्ति दायर कर दिया है। हर जगह से आश्वासन मिला है। इसके बावजूद भी इंसाफ नहीं हुआ, तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।

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